डेढ़ दशक पहले मिला इंदिरा आवास हुआ खंडहर, मेंटनेंस नहीं होने से अब बिना खिड़की दरवाजे वाले घर में रह रहे कई परिवार

डेढ़ दशक पहले मिला इंदिरा आवास हुआ खंडहर, मेंटनेंस नहीं होने से अब बिना खिड़की दरवाजे वाले घर में रह रहे कई परिवार

KATIHAR : कटिहार में खंडहर नुमा जर्जर इंदिरा आवास कभी भी बन सकता है बड़ा हादसे का बजह, बड़ी संख्या में महादलित आबादी से जुड़े लोग आज भी ऐसे घरों में रहने को है मजबूर,लोग सरकार से जल्द हालात के सुधि लेने के लगा रहे हैं गुहार, समेली प्रखंड के मलेरिया पंचायत बखरी गांव के ऐसे जर्जर भवनों को दुरुस्त करने के लिए सरकार के पास हाल फिलहाल कोई योजना नहीं है। ऐसे में कब यह सुधरेगी यह कहना मुश्किल है।

खंडहर नुमा जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर रहने को बेबसी यह कटिहार समेली प्रखंड के मलहरिया पंचायत बखरी गांव के लोग हैं, इस गांव में डेढ़ दशक पहले सरकार द्वारा सैकड़ों इंदिरा आवास निर्माण करवाया गया था। मगर उसके बाद धीरे-धीरे सभी आवास जर्जर हो गए।

 मगर इसके मेंटेनेंस के नाम पर कुछ भी नहीं हो पाया है, जिस कारण अब लोग घर छोड़कर या तो मचान में रहते हैं या घर के अंदर जान जोखिम में डालकर रहते हैं,ऐसे में तेज हवा के झोका या जोरदार बारिश कभी इस इलाके के लिए बड़ा हादसा का बजह बन सकता है।

इंदिरा आवास के इस जर्जर हालात पर कटिहार जिला अधिकारी कहते हैं यह सिर्फ कटिहार के एक इलाका नहीं बल्कि बिहार के कई इलाके में ऐसी हालात है जब इंदिरा आवास सरकार द्वारा आवंटित हुआ था इसके बाद मेंटेनेंस के काम नहीं हो पाया है, इसलिए इस तरह का हालात है लेकिन सरकार जल्द विशेष प्लानिंग के माध्यम से ऐसे लोगों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।


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