'आनंद मोहन के साथ हो रहा अन्याय, रिहाई की दिशा में करें काम', पूर्व सीएम मांझी ने सीएम नीतीश से की बड़ी मांग

'आनंद मोहन के साथ हो रहा अन्याय, रिहाई की दिशा में करें काम', पूर्व सीएम मांझी ने सीएम नीतीश से की बड़ी मांग

पटना. बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की पैरोल आज खत्म हो जाएगी। वे 15 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। ऐसे में आज उन्हें फिर से जेल जाना होगा। इस पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने सीएम नीतीश से अपील की है कि आनंद मोहन की रिहाई की दिशा में काम करें। आनंद मोहने ने इन 15 दिनों में बेटी की सगाई, पत्नी का जन्मदिन और विधायक बेटे चेतन आनंद का जन्मदिन मनाया।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आनंद मोहन को पुनः जेल जाने की खबर से मन दुखी है। मुझे लगता है अब उनके साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से आग्रह है कि उनकी रिहाई के दिशा में काम किया जाए, यही न्याय संगत होगा। HAM पुरी तरह से आनंद मोहन जी एवं उनके परिजनों के साथ हैं।


आनंद मोहन को 15 दिनों की पैरोल खत्म होने के बाद सहरसा जेल में 20 नवंबर को शाम 4:00 बजे तक चले जाना है। इसको लेकर वह देर रात पटना से सहरसा के लिए रवाना हो गये थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि चेतन आनंद का जन्मदिन 20 नवंबर को है लेकिन, पैरोल खत्म होने की वजह से जन्मदिन 19 नवंबर को ही केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। जेल जाने से पहले आनंद मोहन ने अपने समर्थकों को लेकर कहा कि भले मेरे समर्थकों की पीढ़ियां बदल गई लेकिन, आज भी वह मेरे साथ हैं। 15 साल मैं जेल में रहा लेकिन, मेरे समर्थक मेरे साथ रहे, यह मेरी ताकत है।

डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में आनंद मोहन को जेल हुई। 2007 में निचली अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुना दी थी। आनंद मोहन देश के पहले पूर्व सांसद और पूर्व विधायक हैं, जिन्हें मौत की सजा मिली। हालांकि, पटना हाईकोर्ट ने दिसंबर 2008 में मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी जुलाई 2012 में पटना हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

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