बुद्धदेव भट्टाचार्य के बाद अब इन लोगों ने किया पद्म पुरस्कार का बहिष्कार, कहा - यह हमारा अपमान

बुद्धदेव भट्टाचार्य के बाद अब इन लोगों ने किया पद्म पुरस्कार का बहिष्कार, कहा - यह हमारा अपमान

NEW DEHLI : इस सार पद्म पुरस्कार के नाम के घोषणा के साथ ही विवाद शुरू हो गया है। जहां प.बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्मभूषण पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है. वहीं अब इस लिस्ट में दो और नाम शामिल हो गए हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दिए जानेवाले पुरस्कार को खुद का अपमान करार दिया है और सम्मान लेने से मना कर दिया है। 

फोन पर दी जानकारी

लोकप्रिय तबलावादक पंडित अनिंदो चटर्जी ने कहा है कि उन्हें पद्मश्री की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से इस बारे में फोन आया था लेकिन उन्हें अपमानित महसूस हुआ और उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया।

75 साल की सेवा के बाद सम्मान गंवारा नहीं

पुरस्कार ठूकरानेवालों में जानीमानी गायिका 90 वर्षीया संध्या मुखोप्पाध्याय भी शामिल हैं।  उन्होंने कहा कि 75 वर्ष के लंबे करियर के बाद अगर सरकार को लगता है कि वह पद्मश्री के लायक हैं तो उन्हें यह पुरस्कार नहीं चाहिए. उन्होंने कहा, "वे लोग (इनकार की) वजह जानना चाहते थे तो मैंने कहा मुझे नहीं चाहिए, यह मेरे लिए अपमान है।  वे यह तक नहीं जानते कि इतने सालों में मैंने क्या काम किया है. ना वे मुझे जानते हैं ना भारतीय संगीत को. इतने सालों बाद अगर अब वे मुझे पुरस्कार देना चाहते हैं जबकि मैं मंच पर खड़ी भी नहीं हो सकती, तो मैं यह पुरस्कार कैसे ले सकती हूं?" 

बुद्धदेव ने यह कहा था

इससे पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (CPIM) नेता बुद्धादेब भट्टाचार्य ने कहा है कि उन्हें पद्म भूषण के लिए नामांकित किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है लेकिन ऐसा हुआ तो वह इस सम्मान को स्वीकार नहीं करेंगे

बता दें कि पद्म पुरस्कारों का ऐलान करने से पहले नामांकित व्यक्तियों से सहमति ली जाती है. पहले भी कई बड़ी हस्तियां ये पुरस्कार लेने से इनकार कर चुकी हैं।


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