इसरो की प्रस्तावित सैटेलाइट की जल्द होगी लॉन्चिंग, कोरोना के कारण हुआ विलंब

इसरो की प्रस्तावित सैटेलाइट की जल्द होगी लॉन्चिंग, कोरोना के कारण हुआ विलंब

DESK: 28 मार्च को इसरो की एक सैटेलाइट जीसैट-1 लॉन्च करने की योजना है. भारत को इससे काफी फायदा मिलेगा. इसकी मदद से बॉर्डर की रियल टाइम तस्वीरें मिल सकेंगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं की तुरंत निगरानी भी की जा सकेगी. जीसैट-1 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र से जीएसएलवी-एफ 10 के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के एक अधिकारी ने बताया, हम 28 मार्च को इस जियो इमेजिंग उपग्रह को प्रक्षेपित करना चाहते हैं, हालांकि यह मौसम की स्थितियों पर निर्भर करेगा. यह उपग्रह 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में स्थापित किया जाएगा. उच्च स्तर के कैमरों के साथ, इस उपग्रह से भारतीय जमीन और महासागरों, विशेष रूप से सीमाओं की निरंतर निगरानी संभव होगी.  यह प्राकृतिक आपदाओं और किसी भी अल्पकालिक घटनाओं की त्वरित निगरानी में मदद करेगा. इसरो ने कहा कि जीसैट-1 का वजन 2268 किलोग्राम है और यह एक अत्याधुनिक पर्यवेक्षण उपग्रह है.

इसरो ने 28 फरवरी को अपनी वाणिज्यिक इकाई ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ के प्रथम समर्पित मिशन के तहत रविवार को ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों का पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 के जरिए यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया था। इन 18 उपग्रहों में से पांच उपग्रह छात्रों ने बनाएं हैं.

Find Us on Facebook

Trending News