पटना में बालू माफियाओं को काबू करना मुश्किल, 17 दिन बाद फिर से दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी

पटना में बालू माफियाओं को काबू करना मुश्किल, 17 दिन बाद फिर से दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी

PATNA : 17 दिन पहले पटना के बिहटा इलाके में बालू माफियाओं के बीच हुए गैंगवार में गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसको लेकर पुलिस पर सवाल उठे थे। अब कुछ दिन की शांति के बाद एक बार फिर से बालू माफियाओं के बीच गोलीबारी की घटना हुई है। जिले में अवैध बालू खान के वर्चस्व काे लेकर मनेर के सुअरमरवा, चाैरासी और बिहटा के अमनाबाद दियारा में बालू माफियाओ के बीच सैकड़ो राउंड गाेलीबारी हुई।

 वारदात शनिवार की रात 3 बजे से रविवार की सुबह 9 बजे तक हुई। तीन दिनाें से इन इलाकाें में रुक-रुक कर गाेलबारी हाे रही थी। रविवार की सुबह गाेलियाें की आवाज आने के बाद ग्रामीणाें ने डायल 112 काे फाेन किया। 112 ने पुलिस मुख्यालय काे फाेन किया उसके बाद पुलिस हरकत में आई। दानापुर एसपी अभिनम धीमान, मनेर व बिहटा थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियाें ने सुअरमरवा, चाैरासी, अमनाबाद इलाके में साेन नदी में करीब आठ घंटे तक काॅम्बिंग ऑपरेशन चलाया। 

पुलिस के जाते ही शाम में फिर गोली चलने लगी। 17 दिनाें में इस इलाके में माफियाओ के बीच गाेलीबारी की दूसरी बड़ी वारदात है।

पुलिस की मौजूदगी में टापू पर हथियार के साथ जमे थे अपराधी

ग्रामीणों ने बताया कि भारी पुलिस बल को देख बालू माफिया नदी के किनारे से महुई महाल के बीच में चले गए। पुलिस टीम ने स्टीमर व नाव के सहारे छापेमारी अभियान शुरू किया पर किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। ग्रामीणाें का कहना है कि 17 दिन पहले जिन बालू माफियाओ पर बिहटा थाना में केस दर्ज हुआ था, सबाें ने दियारा में ही ठिकाना बना लिया है।

स्कूल से हटा दिया पुलिस कैंप

अमनाबाद में जवानाें की तैनाती थी तो गाेलीबारी नहीं हाे रही थी। दशहरा से पहले स्कूल में कैंप कर रही पुलिस काे हटा लिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस काे यहां से क्याे वापस कर लिया गया। साेन नदी में पुलिस काे छह स्टीमर दिया गया है, वह साेन में क्या करती है? पुलिस काे लगातार काॅम्बिंग ऑपरेशन चलाने की जरूरत है


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