जेलों में बंद आतंकियों की पत्नियां इस तरह हो रही है प्रेग्नेंट, पढ़िए पूरी खबर

जेलों में बंद आतंकियों की पत्नियां इस तरह हो रही है प्रेग्नेंट, पढ़िए पूरी खबर

N4N DESK : हर देश में जेलों के अलग अलग नियम कानून होते हैं. इजरायल के जेल कानून के मुताबिक यहाँ के जेलों में बंद कैद अपनी पत्नियों से वैवाहिक मुलाकात कर सकते हैं. इस नियम के अनुसार इस दौरान उन्हें अपनी पत्नी से अकेले मिलने की छुट होती है. इससे उनकी पत्नियां गर्भवती हो रही हैं. लेकिन आतंकियों को वैवाहिक मुलाकात की अनुमति नहीं होती है. इससे इजरायल की जेलों से स्पर्म स्मगलिंग को बढ़ावा मिल रहा हैं. 

माना जा रहा है की स्पर्म स्मगलिंग से गर्भवती होनेवाली पहली महिला सना सलमा हैं, जो इजरायली अरबी महिला पत्रकार है. उन दिनों साना फिलिस्तीनी कैदियों के जीवन के बारे में लिखती थीं, जिससे उनको बार-बार इजरायली जेलों में कैद फिलिस्तीनी आतंकियों से मिलना होता था. जेल में बंद वालिद डक्का ने 1999 में साना सलामा के साथ शादी कर ली थी. यह जोड़ा अपने लिए एक बच्चा पैदा करना चाहता था, लेकिन आतंकियों को वैवाहिक मुलाकात की अनुमति न होने के कारण उनकी यह चाहत सफल नहीं हो पा रही थी. 


इसके बाद से 2018 तक 60 से अधिक फिलिस्तीनी आतंकियों की पत्नियों ने स्पर्म स्मगलिंग के जरिए अपने बच्चों को जन्म दिया. इन सभी महिलाओं के पति आतंकी घटनाओं में शामिल होने के कारण इजरायल की विभिन्न जेलों में कैद हैं. इजरायल के अधिकारियों को डर है कि अगर आतंकियों को वैवाहिक मुलाकात की अनुमति दी जाती है तो इसका गलत फायदा उठाया जा सकता है. उनका आरोप है कि ऐसी मुलाकातों का इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा हथियारों, धन और यहां तक कि ड्रग्स की तस्करी के लिए किया जा सकता है. इसी कारण इन आतंकवादियों ने स्पर्म की तस्करी के तरीके को ईजाद किया है.

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