मेवालाल के बाद जमां खानः तो CM नीतीश की फिर होने वाली है फजीहत ?अब आर्म्स एक्ट व हत्या के प्रयास के आरोपी को बना रहे मंत्री!

मेवालाल के बाद जमां खानः तो CM नीतीश की फिर होने वाली है फजीहत ?अब आर्म्स एक्ट व हत्या के प्रयास के आरोपी को बना रहे मंत्री!

PATNA: बिहार में अब से थोड़ी देर बाद नीतीश कैबिनेट का विस्तार हो रहा है। नई सरकार के शपथग्रहण के 85 दिन बाद कैूिनेट का विस्तार हो रहा है। जानकारी के अनुसार बीजेपी कोटे से 9 और जेडीयू कोटे से 8 नेताओं को मंत्री बनाया जा रहा है। जेडीयू की तलाशी अभियान में जो अल्पसंख्यक विधायक मिले थे उन्हें भी मंत्री बनाये जाने की खबर है। जेडीयू नेतृत्व ने बसपा से विधायक जमां खान को पहले पार्टी में शामिल कराया इसके बाद अब मंत्री बनाने की तैयारी है। लेकिन जिस नेता पर जेडीयू दांव लगा रही वो आर्म्स एक्ट व हत्या के प्रयास का आरोपी है।बता दें, पिछली बार नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपी विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाई और शिक्षा मंत्री बना दिया था तो इस बार हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के आरोपी को मंत्री बनाने की खबर है। 

...तो आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास के आरोपी को CM नीतीश बनायेंगे मंत्री?

विधायक जमां खान को जेडीयू कोटे से मंत्री बनाए जाने की खबर है। लेकिन उन पर आर्म्स एक्ट,हत्या का प्रयास समेत कई गंभीर आरोप हैं. विधायक जमां खान के ऊपर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत तीन मुकदमें दर्ज हैं. बसपा से पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हुए चैनपुर के विधायक जमां खान पर भभुआ और चैनपुर थाने में तीन केस दर्ज हैं। हत्या के प्रयास का एक मुकदमा तो पिछले साल यानी 2020 में दर्ज हुआ है। 

जानिए पाला बदलने वाले विधायक की केस कुंडली

कैमूर जिले के चैनपुर से बसपा के टिकट पर इस बार के विधानसभा चुनाव में जीते और जेडीयू के पाले में गए जमां खान पर भभुआ थाना कांड संख्या135-1999 दर्ज है। इस केस में विधायक पर धारा-147,148,149,323,324,307 तथा 27 आर्म्स एक्ट लगा है। कोर्ट ने  27.6.2002 को ही इस केसमें संज्ञान लिया था। यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में है जिसका नंबर 3102-2014 है। दूसरे केस की बात कर लेते हैं......। भभुआ थाना कांड संख्या 33-2004 दर्ज है। इसमें धारा 323,504 के तहत मुकदमा है तथा संज्ञान की तारीख 19.12 2005 है।यह केस ज्यूडिशियल मजिस्टेट के यहां पेंडिंग है। तीसरा केस चैनपुर थाना में 186-2020 दर्ज है। इसमें विधायक पर 147,342,325,307,353,332,333,324,225,109,505,506,34 आईपीसी के तहत दर्ज है। यह केस कैमूर के एसीजेएम द्वितीय के यहां पेंडिंग है. 

बसपा के टिकट पर जीते जमां खान जेडीयू में शामिल

बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में कैमूर के चैनपुर से बसपा के टिकट पर जमां खान चुनाव जीते थे।  चुनाव में बसपा यूपी के सीमावर्ती जिले कैमूर में खाता खोल लिया था। चुनाव जीतने के बाद से ही जेडीयू की नजर बसपा विधायक पर थी। बसपा विधायक जमां खान चुनाव जीतने के बाद जेडीयू के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की थी। तभी से ये चर्चा थी कि वे जेडीयू में शामिल हो सकते हैं.इसके कुछ दिन बाद ही वे पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हो गए।

जेडीयू के पास नहीं था एक भी मुस्लिम विधायक

बता दें, जदयू ने 2020 विधानसभा चुनाव में 11 मुसलमान प्रत्याशी उतारे थे। लेकिन पार्टी एक भी उम्मीदवार तो नहीं जीता पाया। इस तरह से जदयू मुसलमान विधायक विहीन हो गई। जेडीयू में मुस्लिम विधायक को लाने के लिए खूब मिहनत किया गया। जदयू लगातार दूसरे दल के मुसलमान विधायकों पर 'डोरे' डाल रहा  था। अब चैनपुर से बसपा के एक मात्र मुस्लिम विधायक जमा खान को जदयू ने अपने पाले में कर चैन की सांस ली है।

भ्रष्टाचार के आरोपी मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाकर इस्तीफा ले चुके हैं सीएम नीतीश

बता दें, 2020 में नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपी मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें शिक्षा मंत्री का प्रभार भी दे दिया। सबसे पहले न्यूज4नेशन ने इस खबर को उठाया कि इस बार बड़े भ्रष्टाचार के आरोपी को सीएम नीतीश ने अपनी कैबिनेट में जगह दी है। इसके बाद सभी मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया।खबर सामने के बाद विपक्षी नेताओं ने सीएम नीतीश की नियत सवाल उठाया और उन्हें कटघरे में खड़ा किया। बसा क्इया था नीतीश कुमार बैकफुट पर आये और आखिरकार आरोपी मेवालाल चौधरी को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 



Find Us on Facebook

Trending News