पब्लिक की परेशानी सुलझाने या लालू परिवार का टेंशन बढ़ाने के लिए तेजप्रताप यादव शुरू कर रहे जनता दरबार ?

पब्लिक की परेशानी सुलझाने या लालू परिवार का टेंशन बढ़ाने के लिए तेजप्रताप यादव शुरू कर रहे जनता दरबार ?

PATNA : लालू प्रसाद के बड़े लाल तेजप्रताप यादव जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बार फिर से जनता दरबार शुरू कर रहे हैं। वे सोमवार यानि कल 27 मई से एकबार फिर से जनता दरबार आयोजित करने वाले हैं। वे अपने दरबार में राजद कार्यकर्ताओं की समस्याओं को कितना सुलझायेंगे यह तो आने वाला दिन बताएगा, लेकिन इतना तय है कि वे परेशानी को जितना सुलझाने की कोशिश करेंगे उससे अधिक भाई और परिवार की समस्याएं बढ़ती जाएगी।

तेजस्वी की घेराबंदी शुरू

इस बार बिहार में लोकसभा चुनाव में राजद को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी को इस बार ऐसी हार मिली है कि स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव सहित सभी नेताओं को पैर के नीचे से जमीन खिसक गई है।राजद की बड़ी हार के बाद बड़े नेताओं के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही है। इस बार कांग्रेस तो 1 सीट जीतने में कामयाब भी हो गयी, लेकिन राजद का खाता भी नहीं खुल सका। लिहाजा सबके निशाने पर लालू के छोटे लाल और महागठबंधन के स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव आ गए हैं। कांग्रेस ने तो तेजस्वी की घेराबंदी भी शुरू कर दी है।

अब तेजप्रताप के निशाने पर होंगे तेजस्वी

उधर चुनाव परिणाम से ठीक पहले तेजप्रताप यादव वृंदावन और मथुरा चले गएम थे। वहां से लौटने के बाद वे कल से जनता दरबार शुरू करने वाले हैं। आपको बता दें कि इस बार तेजप्रताप यादव को सीट बंटवारे में तवज्जो नहीं मिली थी। तवज्जो नहीं मिलने से नाराज तेजप्रताप ने बगावत कर दिया था और शिवहर व जहानाबाद में अपने उम्मीदवार भी उतार दिए थे। वहीं तेजप्रताप ने अपने ससुर एवं छपरा से राजद उम्मीदवार चंद्रिका राय के खिलाफ भी बगवात कर दिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से उम्मीदवार बदलने की मांग कर दी थी।

तेजस्वी को बताया था दुर्योधन

तेजस्वी यादव की तरफ से उनकी बात को दरकिनार करने के बाद तेजप्रताप ने अपना दर्द साझा किया था और कविता के माध्यम से उसे सार्वजनिक भी कर दिया था। तेजप्रताप ने तेजस्वी को दुर्योधन करार देते हुए कहा था कि- दुर्योधन वह भी दे न सका, शीष समाज का ले न सका। उल्टे हरि को बांधने चला, जो था असाध्य साधने चला। जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है।

अब जबकि चुनाव परिणाम आ गए हैं और तेजस्वी के हाथ में पछतावा के अलावे कुछ भी हासिल नहीं हो सका। लिहाजा तेजप्रताप यादव के तेवर और भी तल्ख हो सकते हैं। जनता दरबार में वे खुलकर राजद की हार पर तेजस्वी पर निशाना साध सकते हैं। तेजप्रताप के मुंह खोलने के बाद तेजस्वी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। राजद के इतिहास में पहली बार जीरो पर आउट होने के बाद तेजप्रताप के तेवर में तल्खी बढ़ने के पूरे आसार हैं।

विवेकानंद की रिपोर्ट
 
 

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