बड़ी खबर : प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का अमेरिका में निधन

बड़ी खबर : प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का अमेरिका में निधन

DESK: इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है जहां देश के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का अमेरिका में निधन हो गया है. 

पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ऐसे सितारे हैं जिनकी शोहरत केवल इस धरती पर ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में भी गूंज रही. उनके नाम पर अंतरिक्ष के एक ग्रह का नाम रखा जा चुका है.  सुरों के सरताज, सुरीले संत, रागों के रसिया और पद्म भूषण, पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से अलंकृत संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज के सुरीली आवाज़ के कायल भारत ही नहीं अपितु दुनियाभर के लोग हैं. 

28 जनवरी 1930 हरियाणा के हिसार ज़िले में पंडित जसराज एक ऐसे परिवार में पैदा हुए, जिनके पुरखों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को न केवल जिंदा रखा अपितु उसे पाल पोष कर वट वृक्ष के समान इतना बड़ा कर दिया कि उसके नाम का डंका पूरे दुनिया में बजता हैं.मेवाती घराने के सबसे चमकते सितारे संगीत के सूर्य जसराज की आवाज़ साढ़े तीन सप्तकों में एक विशिष्ट पहचान रखती है. मुर्कियां, गमक, मींड और छूट की तानें उनकी गायकी की ख़ासियत हैं. उनके सुरों का जादू कृष्ण की मुरली की तरह है. जो सुनता है, वह अपनी सुध-बुध बिसरा कर उनके संगीत रस में खो जाता हैं. 

संगीत के रसिक उन्हें रसराज कहते हैं. उनके मुंह से राग भैरव में ‘मेरो अल्लाह मेहरबान’ सुनते हुए लगता है कि ईश्वर और अल्लाह के बीच धर्म की दीवार टूट गई हो, और यह जगत परमात्मा में एकाकार हो गया है. पंडित जसराज ने अपनी जादुई आवाज़ में फ़िल्म 1920 का यह गाना ‘वादा तुमसे है वादा’ भी गाया था, जिसमें उनकी सुरीली आवाज़ ने आज की युवा पीढ़ी को मदहोश कर दिया था. पंडित जसराज के गायन में पाया जाने वाला उच्चारण मेवाती घराने की 'ख़याल' शैली की ख़ासियत को झलकाता है. उन्होंने बाबा श्याम मनोहर गोस्वामी महाराज के साथ 'हवेली संगीत' की कई नई बंदिशों की रचना भी की है.



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