जीडीएसएफ की बैठक में लिया संकल्प : जनसरोकार की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी और फ्रंट मजबूत विपक्ष की भूमिका अदा करेगा

जीडीएसएफ की बैठक में लिया संकल्प : जनसरोकार की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी और फ्रंट मजबूत विपक्ष की भूमिका अदा करेगा

पटना... ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (जीडीएसएफ) जनसरोकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी. जीडीएसएफ की बैठक में संकल्प लिया गया कि मजलूमों व वंचितों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी और फ्रंट मजबूत विपक्ष की भूमिका अदा करेगा. बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जीडीएसएफ की पहली बैठक रालोसपा कार्यालय में हुई. बैठक में रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, जीडीएसएफ के संयोजक देवेंद्र प्रसाद यादव, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अख्तरुल ईमान, एआईएमआईएम के प्रदेश युवा अध्यक्ष आदिल हसन आजाद, विधायक शहनवाज, रुकुनुद्दीन, अंजार नईमी व इजहार सैफी, रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक सहित रालोसपा व एआईमआईएम के दूसरे नेता मौजूद थे. बसपा विधायक जमां खां व दूसरे नेताओं को बैठक में हिस्सा लेना था लेकिन निजी कारणों से वे हिस्सा नहीं ले पाए लेकिन बैठक में लिए गए फैसलों के वे साथ हैं.


बैठक में फ्रंट ने भविष्य की राजनीति और रणनीति पर चर्चा की और तमाम नेताओं ने माना कि बिहार की अवाम ने जो जनादेश दिया उससे हमारे फ्रंट को मजबूती मिली है और लोगों ने इसमें विकल्प देखा है. फ्रंट के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने एआईएमआईएम प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी व जीते हुए तमाम विधायकों को बधाई देते हुए कहा कि हम मुद्दों की लड़ाई लड़ेंगे. आप सदन के अंदर पूरे बिहार और खास कर सीमांचल के दबे-कुचले लोगों की आवाज बनेंगे और हम सड़क पर मुद्दों को लेकर उतरेंगे. 

उन्होंने कहा कि सीमांचल जो बिहार का सबसे पिछड़ा इलाका है उस पर आपका विशेषतौर पर फोकस रहना चाहिए ताकि जिन लोगों ने आप पर भरोसा किया है उनका भरोसा और मजबूत हो और इसकी जरूरत भी है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को डरा कर वोट लिया जाता रहा है लेकिन उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया. शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार जैसे सवालों को ओझल किया गया और उन पर बात कभी हुई ही नहीं इसलिए उन सवालों पर केंद्रित करें और शोषितों-वंचितों की लड़ाई लड़ें.

देवेंद्र यादव ने कहा कि फ्रंट को मजबूती के साथ सामाजिक मुद्दो पर लड़ाई जारी रखनी है और फ्रंट पर बिहार ही नहीं देश की निगाह भी है. बिहार की अवाम ने हमारे फ्रंट पर तीसरे मोर्चे के तौर पर मुहर लगा दी है, अब हमें इसे पहला मोर्चा बनाना है. उन्होंने कहा कि जल्द ही बंगाल और फिर यूपी में चुनाव होने हैं, फ्रंट बंगाल और यूपी में भी सियासी तौर पर मजबूत है और चुनाव की तैयारी कर रहा है. 


देवेंद्र यादव ने कहा कि देश में सांप्रदायिक ताकतों को जवाब देने में फ्रंट ही सक्षम है. विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि फ्रंट ने चुनाव में पूरी ताकत के साथ लड़ाई लड़ी लेकिन जिस कामयाबी की उम्मीद हमें थी वह नहीं मिली लेकिन यह भी सही है कि अवाम ने हममें एक विकल्प देखा है अब अवाम की उम्मीदों पर हमें खरा उतरना है. चुनाव में अपेक्षित कामायबी नहीं मिली तो हम चुप बैठने वालों में से नहीं है. हम सदन से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ेंगे और सरकार के हर जनविरोधी कदम का पुरजोर मुखालफित करेंगे. 

उन्होंने फ्रंट को बिहार की जरूरत बताया और कहा कि फ्रंट तीसरा नहीं बल्कि पहला मोर्चा बनेगा इसमें किसी तरह का शक नहीं है. बैठक को आदिल हसन आजाद व दूसरे विधायकों ने भी संबोधित किया. बैठक का संचालन फजल इमाम मल्लिक ने किया.

Find Us on Facebook

Trending News