सीतामढ़ी में मां जानकी के मंदिर निर्माण पर जदयू -बीजेपी में बढ़ी तकरार, लगाया भेदभाव करने का आरोप

सीतामढ़ी में मां जानकी के मंदिर निर्माण पर जदयू -बीजेपी में बढ़ी तकरार, लगाया भेदभाव करने का आरोप

अगर अयोध्या में राम मंदिर बन सकता है तो सीतामढ़ी में मां जानकी का मंदिर क्यों नहीं बन सकता है। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और जदयू आमने सामने आ गई है। जदयू नेताओ का कहना है कि भाजपा के लोग मां सीता के साथ बेमानी कर रहे हैं। जिस तरह से अयोध्या में राम का मंदिर बना है, BJP अब सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर बनाए। वहीं बीजेपी ने भी इस पर साफ कर दिया कि अगर वह चाहते हैं कि मंदिर बने तो नीतीश कुमार को इसकी पहल करनी चाहिए। बीजेपी उनका पूरा साथ देगी...


दरअसल, जेडीयू नेता और बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने बीते शुक्रवार को एक कार्यक्रम में अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर कहा कि  भाजपा के लोग मां सीता के साथ बेमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में राम का मंदिर बना है, BJP अब सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर बनाए। कहीं भी माता सीता का नाम पहले लिया जाता है, तब राम का नाम आता है। लेकिन, भाजपा के लोग राजनीति करने को लेकर इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। और मिथिलांचल की उपेक्षा कर रहे हैं।


बताया महिलाओं का अपमान

विजेंद्र यादव ने मां जानकी के मंदिर को महिलाओं के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि सीता मिथिला की बेटी थीं। विजेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी की बिहार की सांस्कृतिक विरासत को अपमानजनक तरीके से तोड़ रही है। बीजेपी ने अगर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया तो अब बीजेपी के लोगों का ये भी दायित्व बनता है कि बिहार में माता सीता के मंदिर का निर्माण कराएं।

सुशील मोदी ने किया पलटवार

विजेंद्र यादव के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील ममोदी कहा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि माता जानकी का मंदिर बने तो वह अपील करें, भाजपा उनका साथ देगी।

बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि सीतामढ़ी में भव्य जानकी मंदिर के निर्माण के लिए यदि नीतीश कुमार पहल करते हैं, तो भाजपा उनका सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी को अयोध्या की तरह विकसित किया जाना चाहिए।

कहां गया अस्पताल बनाने का ज्ञान

उन्होंने कहा कि जो लोग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे थे, वहाँ मस्जिद या अस्पताल बनाने का 'ज्ञान' दे रहे थे और तंज कस रहे थे कि " मंदिर वहीं बनायेंगे, पर तारीख नहीं बतायेंगे, वे आज माता सीताजी के नाम पर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

मोदी ने कहा कि अयोध्या श्रीराम की जन्मभूमि है और वहां पहले श्रीराम का मंदिर था, यह बात जब पुरातात्विक प्रमाणों से अदालत में सिद्ध की जा चुकी है, तब बिहार सरकार के एक मंत्री उसे सीता-मंदिर नाम देने की बात कर नया विवाद क्यों पैदा करना चाहते हैं? बीजेपी नेता ने कहा कि मंदिर का निर्माण, नामकरण और पुनरुद्धार जैसे काम संतों-श्रद्धालुओं के हैं, भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नहीं, लेकिन मंत्री जी इस पर राजनीति कर रहे हैं।



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