जेडीयू ने हाईजैक कर ली संकल्प रैली ! सड़क पर दिखा एनडीए में सिर-फुटौव्वल

PATNA: एनडीए की संकल्प रैली को क्या जदयू ने हाईजैक कर लिया था? रैली की समाप्ति के बाद जो बातें सामनें आ रही हैं वो इस बात की तस्दीक कर रही है. रैली को लेकर एनडीए के घटक दलों के बीच खाई पूरे तौर पर सतह पर दिखी. तीनो दलों के बीच कोआर्डिनेशन की कमी साफ तौर पर दिखी. उपरी तौर पर भले ही जेडीयू-बीजेपी और एलजेपी के नेता ये दावे करते हो कि रैली की सफलता को लेकर सभी ने एकजुटता दिखाई है. लेकिन जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है वो चौंकाने वाली है. सिर्फ जिला और प्रखंड लेवल पर हीं नहीं बल्कि राजधानी पटना में भी एनडीए की सहयोगी दल बंटे हुए दिखे. पटना में तो पोस्टर लगानें को लेकर जदयू-बीजेपी के नेता दो-तीन दफे आमने-सामने भी आ गए और सड़क पर ही सिर-फुटौव्वल की नौबत आ गयी. 

सड़क पर दिखा एनडीए में सिर-फुटौव्वल

संकल्प रैली मे अपने आप को बड़ा भाई साबित करने को लेकर बीजेपी-जदयू मे सड़क पर भी सिर फुटौव्वल दिखा. बताया जाता है कि रैली से ठीक पहले राजधानी पटना में ही 3-4 जगहों पर जदयू –बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. सड़क पर मामला काफी बढ गया, हालांकि बाद में वरीय नेताओं के हस्तक्षेप से मामले को दबाया गया. जानकार सूत्रों नें बताया कि राजधानी के डाकबंगला चौराहे पर संकल्प रैली को लेकर बीजेपी नेताओं की तरफ से पोस्टर लगाए गए थे. उसके बाद जेडीयू ने बीजेपी वाले पोस्टर के ऊपर अपना पोस्टर लगा दिया. इसके बाद बात बढ गयी और मामला मारपीट तक पहुंचने वाली थी. इसी बीच बड़े नेताओं ने हस्तक्षेप कर मामले को सुलझाया. इसी तरह का वाक्या पटना के कई अन्य जगहों पर भी देखा गया. दरअसल जदयू ने पूरी प्लानिंग के तहत रैली में पटना पहुंचने वाले लोगों के लिए डंडा लगा झंडा का इंतजाम किया था. इसके लिए कई टुकड़ी काम कर रही थी. खासकर बाईपास, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर जदयू के कार्यकर्ता झंडा-पताखा लेकर मौजूद थे. रैली पर नजदीक से नजर रखने वालों की मानें तो जदयू नें अपनी प्लानिंग के तहत सभी लोगों के हाथों में डंडा लगा झंडा थमा दिया. कई बार जब लोगों ने इंकार किया तो जबरन भी झंडा थमाया गया. जदयू की प्लानिंग का नतीजा यह हुआ कि फ्रेजर रोड और एक्जिविशन रोड से जो लोग गांधी मैदान की तरफ जा रहे थे, उनमें से अधिकांश के हाथों में तीर छाप का झंडा दिख रहा था.

जदयू-बीजेपी ने ट्रेनों का भी कर लिया था बंटवारा

आप एनडीए की एकजुटता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि रैली में आने के लिए जो ट्रेन बुक कराई गई थी उसमें बोगी का बंटावारा किया गया था. पूरे बिहार से लोगों को पटना तक आने के लिए करीब 1 दर्जन ट्रेनें बुक करायी गई थी लेकिन बीजेपी-जदयू ने ट्रेन की बोगी का बंटवारा कर लिया. पार्टी सूत्रों नें बताया कि सीमांचल इलाके से लोगों को लाने के लिए किशनगंज से 12 बोगी की एक ट्रेन खुली थी. जदयू ने उस ट्रेन के 9 बोगी पर कब्जा जमा लिया. बीजेपी के हिस्से में तीन बोगी बची. जदयू के पाले में जो 9 बोगी गई उसमें काफी कम संख्या में लोग संकल्प रैली मे आए. बीजेपी के खाते वाली तीन बोगी मे भी आशा के अनुरूप लोग नहीं आ पाए. ट्रेन की कई बोगी तो पूरी तरह से खाली ही पटना तक आ गयी.

सहयोगी पार्टी की गाड़ी पर नहीं सवार हुए कार्यकर्ता

एनडीए के घटक दलों के भीतर किस कदर की मतभिन्नता है इसका नजारा भी दिखा. विश्वस्त सूत्रों नें बताया कि जेडीयू के कार्यकर्ता बीजेपी नेताओं की गाड़ी पर नहीं बैठ रहे थे. अगर उस इलाके में जेडीयू नेताओं की तरफ से बसों का इंतजाम नहीं किया गया था तो वहां के लोगों ने अपने आप को बीजेपी की गाड़ी में जाने से इनकार कर दिया. वही हाल बीजेपी कार्यकर्ताओं की भी रही. कई जगहों पर बीजेपी के समर्थक जेडीयू नेताओं की गाड़ी पर नहीं चढे. इसका नतीजा यह हुआ कि सुदूर इलाके से जो बसें पटना आयीं उनमें से अधिकांश गाडियों का सीट भी नहीं फूल हुआ. कई बसें तों सुबह तक इंतजार करती रहीं. जब कोई व्यक्ति पटना जाने के लिए तैयार नहीं हुआ तो गाडी वहीं रह गयी. उत्तरबिहार से जुड़े बीजेपी सांसद ने अपने एक विस क्षेत्र के लिए 18 बसें की थी. उनके बस में बीजेपी के लोग तो सवार हुए लेकिन जदयू कार्कर्ताओं नें उनकी गाड़ी से दूरी बना ली. इसका नतीजा यह हुआ कि 18 बसों में से सिर्फ 13 गाडियां हीं रैली के खुल सकी. 5 गाडियों को रास्ते से ही वापस कर दिया गया.

हाालाकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने स्पष्ट कहा है  कि संकल्प रैली पूरी तरह से सफल रही और एनडीए के भीतर कहीं कोई गतिरोध नहीं है सभी ने एकजुटता दिखाते हुए  रैली को सफल बनाया. 

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