जदयू के पंचायत स्तरीय चुनाव में कार्यकर्ताओं ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, जिलाध्यक्ष से की मुलाकात

जदयू के पंचायत स्तरीय चुनाव में कार्यकर्ताओं ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, जिलाध्यक्ष से की मुलाकात

BAGAHA : ख़बर बगहा से है जहां सतारूढ़ जदयू के पंचायत स्तरीय संगठन चुनाव में हुई गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं. दूर दराज सैकड़ों किलोमीटर पहाड़ी में बसा दोन के क्षेत्रों से अपने हाथों में जेडीयू सदस्यता रशीद की प्रति लेकर जिलाध्यक्ष के घर पहुंचे ग्रामीण कह रहे हैं. 

बताया जा रहा है कि सूबे में मिशन 2020 विधानसभा चुनाव पूर्व पार्टी बूथ स्तर तक गांव गांव में संगठन चुनाव करा कर जेडीयू कार्यकर्ताओं में दम भरने में जुटी है. लेकिन बगहा ज़िला जेडीयू के बगहा एक प्रखंड के सलहा बरीयरवा और मुड़िला के बाद अब रामनगर प्रखंड के करीब आधा दर्जन पंचायतों में हुए जेडीयू चुनाव पर रार थमने का नाम नहीं ले रहा है.

जेडीयू के रामनगर प्रखंड क्षेत्र के क्रियाशील सदस्यों का आरोप है कि पंचायतों में चुनाव पर्यवेक्षक द्वारा मनमानी कर महज काग़ज़ी खानापूर्ति में चंद मनचाहे लोगों के साथ फ़ोटो खींचा कर चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जो पूरी तरह अवैध और अमान्य है. आरोप यह भी लग रहा है कि निर्धारित समय और चुनाव स्थल पर बगैर पहुंचे चुनाव को आनन फानन में किसी ख़ास प्रभावी जगह पर पूरा कराया गया है. इसकी आला कमान और शीर्ष नेतृत्व के स्तर से जांच होनी चाहिए और पुनः चुनाव कराए जाने चाहिए.

मामले को लेकर आज चुनाव तिथि के अंतिम दिन एक साथ पांच पंचायतों के जेडीयू कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए बगहा के पूर्व जेडीयू सांसद सह जेडीयू के बगहा जिलाध्यक्ष कैलाश बैठा के आवास का घेराव कर उनसे मुलाक़ात किया.

आपको बताएं की 2 सितम्बर तक पंचायतों में जेडीयू के प्रतिनिधि का चुनाव कर संगठन की रिपोर्ट भेजे जाने पर यहां सदस्यों में नाराज़गी है. यहीं वजह है कि जेडीयू के संगठन चुनाव में ही दो गुटों में बंटे बगहा ज़िला के जेडीयू कार्यकर्ताओं में रोष है. 

अब देखना होगा कि बगहा एक प्रखंड के बाद रामनगर प्रखंड के नौरंगिया दोन, परसौनी, धोकरहा, खटौरी समेत मंचांगवा पंचायत से पहुंचे दर्जनों जेडीयू मेंबर की मांग पर पार्टी का ज़िला संगठन और शीर्ष नेतृत्व जांच कर निष्पक्ष चुनाव कब तक संपन्न कराता है. इधर बगहा ज़िला जेडीयू चुनाव पदाधिकारी विनोद कुशवाहा ने भी मामले में जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने फ़िलहाल यह दावा किया है कि पंचायतों में चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त कर संगठन द्वारा चुनाव कराए गए हैं. जिनमें अभी कोई गड़बड़ी नहीं है. हां शिक़ायत मिली है और इसकी गहनता में जांच की जा रही है. अगर ज़रूरत पड़ी तो ये चुनाव रद्द कर पुनः इन पंचायतों में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे.

बगहा से माधवेन्द्र पाण्डेय की रिपोर्ट


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