जदयू अपने सहयोगियों से दो-दो हाथ करने को हुआ तैयार, महिला वोटरों को साधने की तैयारी में जुट गयी पार्टी

जदयू अपने सहयोगियों से दो-दो हाथ करने को हुआ तैयार, महिला वोटरों को साधने की तैयारी में जुट गयी पार्टी

PATNA : जेडीयू ने अपना लक्ष्य तय कर लिया है।लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जेडीयू पूरी ताकत लगाए हुए है। मिशन को कामयाब बनाने के लिए पार्टी के रणनीतिकार एडी-चोटी एक किए हुए हैं। मिशन की कामयाबी के रास्ते जो भी बाधायें आ रही है उससे दो-दो हाथ करते हुए आगे बढ़ते जाने की पूरी प्लानिंग है।

राष्ट्रीय पार्टी के दर्जा को लेकर पसीना बहा रही पार्टी

जेडीयू की पूरी प्लानिंग पार्टी को राष्ट्रीय दल की मान्यता दिलाना है। इसके लिए पार्टी ने 50 फीसदी रास्ता तय कर लिया है। बाकी 50 फीसदी दूरी तय करने के लिए हीं पार्टी पसीना बहा रही है। आने वाले दिनों में झारखंड चुनाव से जेडीयू को काफी आस है। इसीलिए सहयोगी बीजेपी की परवाह किए बिना जेडीयू झारखंड चुनाव में उतरने का एलान कर दिया है। बिहार के पड़ोसी राज्य होने के नाते जेडीयू नेताओं को लगता है कि नीतीश कुमार की छवि का लाभ उन्हें मिलेगा।

बिहार की तरह झारखंड के महिला वोटरों पर डोरे डाल रही जेडीयू

तभी तो अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी के नाराज होने की परवाह किए बिना जेडीयू झारखंड चुनाव की तैयारी कर रही है। पार्टी के नेता बीजेपी सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रांची में जनसभा के दौरान बीजेपी की रघुवर सरकार को हर मोर्चो पर फेल बता दिया। नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कह दिया कि झारखंड में भी शराबबंदी लागू होनी चाहिए। इसके फायदे भी बता दिए कि शराबबंदी से किस तरह से आमलोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

शराबबंदी का जिक्र कर वे झारखंड की महिलाओं को पार्टी की तरफ आकर्षित करने की जुगत में हैं। सीएम नीतीश कुमार ने झारखंड में विकास नहीं होने का मुद्दा उठाकर सरकार के नाराज वर्ग को पार्टी से जोड़ने के लिए पासा फेंका है।

6 फीसदी वोट पाना है लक्ष्य

नीतीश कुमार यह सबकुछ झारखंड़ में 6 फीसदी वोट पाने को लेकर कर रहे हैं। जेडीयू इस कोशिश में है कि शराबबंदी का मुद्दा उठाकर वे महिलाओं का समर्थन हासिल कर सकते हैं। इसीलिए सीएम नीतीश ने सबसे पहले झारखंड में शराबबंदी के मुद्दे को हवा दी है। अगर नवबंर-दिसंबर में झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को 6 फीसदी वोट मिल गए तो समझिए कि जेडीयू 75 फीसदी रास्ता तय कर लेगी। 

दो राज्यों में जेडीयू को 6 फीसदी से अधिक वोट

अगर छह फीसद या उससे अधिक वोट मिल गए तो जेडीयू को बिहार समेत तीन राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा। नियमों के मुताबिक किसी भी दल को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए लोकसभा की दो फीसदी सीटों के साथ कम से कम चार राज्यों में छह फीसदी वोट चाहिए। अगर झारखंड में पार्टी को 6 फीसदी वोट आ गए तो सिर्फ एक राज्य में रास्ता तय करना शेष रह जाएगा।

झारखंड चुनाव के बाद दिल्ली,जम्मू कश्मीर में चुनाव होने हैं लिहाजा बाकी का 25 फीसदी दूरी इन राज्यों में तय करेगी।ताकि राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए जो पैरामीटर चाहिए उसको छू सके।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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