जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा का तंज - अपने फायदे के लिए चाटुकारिता की सीमाएं पार कर गए राजद नेता शिवानंद तिवारी

जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा का तंज - अपने फायदे के लिए चाटुकारिता की सीमाएं पार कर गए राजद नेता शिवानंद तिवारी

पटना. जेडीयू प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि बिहार की राजनीति के इतिहास में दल बदलने और अपने फायदे के लिए चाटुकारिता की सीमाएं पार करने के लिए राजद नेता शिवानंद तिवारी को हमेशा याद रखा जाएगा। शिवानंद तिवारी अपने आधारहीन बयानों के लिए जाने जाते हैं। राजद के संविधान में लिखा है कि नशा नहीं करना चाहिए लेकिन शराबबंदी और नशा मुक्ति के खिलाफ शिवानंद तिवारी का मंतव्य उनकी मानसिकता को उजागर करता है। लालू प्रसाद यादव को जेल भिजवाने से उनका मन नहीं भरा है इस वजह से भी वे अपने दल की फजीहत करवाने में जुटे हैं।

झा ने कहा कि शराबबंदी पर अपना यह ज्ञान उनको राजद सुप्रीमो लालू यादव को तब देना चाहिए था जब महागठबंधन की सरकार थी और शराबबंदी पर नीतिगत यह फैसला हुआ था। राजद के क्रियाशील सदस्य बनने के लिए फॉर्म में पॉइंट 5 ख के दूसरे भाग में लिखा है कि मैं अपने को मादक पेय से दूर रखता हूं। राजद के लोग अगर अपने संविधान का पालन नहीं करते हैं तो यह उनका दोष है और उनसे आग्रह है कि इस दो मुंहे पन को छोड़कर अपने संविधान में आग लगा दीजिए।

उन्होंने कहा कि राजद के संविधान में जब शराबबंदी और नशे के बारे में ऐसी चीजें लिखी हुई है तो फिर इन लोगों ने अपने शासनकाल में शराब बंदी लागू करने के बजाय शराब का कारोबार इतना क्यों फैलाया? इतनी बातें शिवानंद तिवारी को समझ नहीं आएंगी क्योंकि वो जानते हैं की लालू के जेल जाने के बाद उनके राज्य सभा जाने की संभावनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि धन्यवाद तो राजद के लोगों का देना है कि जिस नेता की वजह से लालू जी जेल गए उस नेता को भी यह लोग अपने यहां इतनी इज्जत दे रहे हैं। शिवानंद तिवारी के अंदर कितनी भी बेचैनी हो लेकिन राजनीतिक रूप से उनका पिंडदान हो चुका है। अपने पुत्र का राजनैतिक समायोजन होता रहे इसके लिए वो किसी भी स्तर पर जाकर राजनीति करने को तैयार है।


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