jharkhad News : डेढ़ दशक बाद पकड़ाया झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे का हत्यारा, जानिए कौन है वो

jharkhad News : डेढ़ दशक बाद पकड़ाया झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे का हत्यारा, जानिए कौन है वो

झारखंड पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. बहुचर्चित चिलखारी नरसंहार में आरोपी नक्सली कोल्हा यादव को भेलवाघाटी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार के नेतृत्व पुलिस टीम ने चरकापत्थर में छापेमारी कर हार्डकोर नक्सली कोल्हा यादव को गिरफ्तार किया। कोल्हा यादव पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के बेटे अनूप मरांडी की हत्या का आरोप है। जिसकी अक्टूबर 2007 में चिलखारी नरसंहार में हत्या कर दी गई थी। इस नरसंहार में अनूप मरांडी सहित 20 लोगों की मौत हुई थी।

डेढ़ दशक से थी तलाश

भेलवाघाटी के थाना प्रभारी प्रशांत कुमार ने इसकी पुष्टी करते बताया कि चिलखारी नरसंहार की घटना में नामजद नक्सली कोल्हा यादव को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने बताया कि नरसंहार के बाद से ही कोल्हा यादव फरार था. वह यादव चरकापत्थर थाना इलाके का रहने वाला है. गुप्त सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के नेतृत्व में भेलवाघाटी पुलिस द्वारा रविवार की रात आरोपी नक्सली के चरकापत्थर थाना क्षेत्र अंतर्गत विशुनपुर स्थित घर की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। छापेमारी में कोल्हा को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह घर पर ही रह रहा था।नक्सली कोल्हा के विरुद्ध भेलवाघाटी थाना में दो मामले के साथ बिहार के सोनो थाना में 17 मामले दर्ज हैं। कोल्हा यादव का जिले के कुछ सफेदपोश से भी बेहतर संबंध बताए जाते हैं।

क्या था चिलखारी नरसंहार

26 अक्टूबर 2007 को भाकपा माओवादियों के द्वारा नरसंहार की घटना को अंजाम दिया गया था. इसमें झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के बेटे अनूप मरांडी समेत कुल 20 लोग मारे गए थे. उमवि चिलखरियोडीह स्थित फुटबॉल मैदान पर तूफान स्पॉटिंग क्लब चिलखारी के द्वारा फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसके समापन दिवस पर फुटबॉल मैदान के बगल में आदिवासी जतरा कार्यक्रम 'सोरेन ओपेरा' का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान मध्य रात्रि में भाकपा माओवादियों के द्वारा कार्यक्रम स्थल को कब्जे में लेकर अंधाधुंध फायरिंग कर नरसंहार की घटना को अंजाम दिया गया था।

चाचा और बहनोई की हत्या के बाद बना नक्सली

सोनो के विशुनपुर गांव का रहनेवाला कोल्हा वर्ष 2000 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। जानकारी के मुताबिक 17 फरवरी को दबंगो के द्वारा कोल्हा यादव के चाचा रामखेलावन यादव की हत्या कर दी गयी थी। चाचा की हत्या के बाद वर्ष 2000 में हीं दीवाली के दिन उसके बहनोई कांग्रेस यादव की हत्या कर दी गयी। चाचा व बहनोई की हत्या की घटना का बदला लेने के लिए कोल्हा नक्सली संगठन में शामिल हो गया। संगठन में शामिल होने के बाद दस्ते में चलने लगा।


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