पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 14वीं पुण्यतिथि में शामिल हुए जीतनराम मांझी, कहा- दलित जाति होने के चलते दशरथ मांझी को सम्मान नहीं मिला

पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 14वीं पुण्यतिथि में शामिल हुए जीतनराम मांझी, कहा- दलित जाति होने के चलते दशरथ मांझी को सम्मान नहीं मिला

गया. शहर के आजाद पार्क में पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 14वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी शामिल  हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी यदि विशेष समाज से होते, तो कितनी बात होती. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार दलित जाति होने के चलते दशरथ मांझी के कामों नजर अंदाज कर रही है. उन्होंने दशरथ मांझी के लिए भारत रत्न की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक दशरथ मांझी को भारत रत्न नहीं दिया जाता है, तब तक सघर्ष जारी रहेगा.

साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है. कोई भी देश किसी दूसरे देश पर आक्रमण करें तो यह अच्छा नहीं है. उन्होंने कहा कि जब वहां के राष्ट्रपति भारत आए हैं, तो कहा है कि अगर हम वहां रहते तो काफी खून खराबा होता. इसलिए हम यहाँ आए हैं, चुकी वे शांतिप्रिय इंसान है. किसी देश की भूमि पर कब्जा करना भारतीय राष्ट्रीय नीति के खिलाफ है. वहीं उन्होंने कहा कि भारत में आतंकी गतिविधियों में चीन भी सम्मिलित है ,पाकिस्तान बाहरी शक्तियों का इस्तेमाल कर रही है.

बता दें दशरथ मांझी की 14 वीं पुष्यतिथि मनायी जा रही है. 2007 में 73 साल की उम्र में दशरथ मांझी की मौत हो गयी थी. वे अपनी पत्नी की याद में 22 सालों तक पहाड़ को काटते रहे और पहाड़ को बीचोंबीच चीड़ते हुए रास्ता बना दिया. इसलिए उन्हें पर्वत पुरुष के रूप में जाना जाता है.

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