हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने दी सफाई, कहा जीतनराम मांझी ने ब्राह्मणवाद और मनुवाद के कुरीतियों की मुखालफत की है

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने दी सफाई, कहा जीतनराम मांझी ने ब्राह्मणवाद और मनुवाद के कुरीतियों की मुखालफत की है

NEW DELHI : हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने लगातार गरीब सवर्णों की आर्थिक रूप से उन्नति के लिए सरकार से आरक्षण की मांग की है। वे संपन्न दलितों को भी आरक्षण छोड़ने की लगातार वकालत करते रहे हैं। अभी मांझी के द्वारा दिए गए हालिया बयानों के मद्देनजर पार्टी और खुद भी उन्होंने साफ कर दिया है कि उनके द्वारा दिया गया बयान ब्राह्मणवाद और मनुवाद की कुरीतियों के खिलाफ था। न कि वो किसी जाति विशेष या फिर बिरादरी विशेष के खिलाफ। मसलन उन्होंने साफ कर दिया कि इस बयान के कारण अगर किसी की भावना आहत हुई है तो वे इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रजनीश कुमार एवं महिला विंग की अध्यक्ष अदिति शर्मा ने इस बाबत बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के मानवीय भूल को तूल देना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। कई ऐसे मौके इस देश में आए हैं जब हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी गरीब सवर्णों के साथ खड़े दिखाई दिए हैं। चाहे वो गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण की बात हो या फिर समान शिक्षा पद्धति की। वे पूरे भारत के गरीबों की आवाज बुलंद करती रहे है। न की किसी जाति विशेष की। लिहाजा बयानों को तोड़ मरोड़कर पेश करने तथा इस तरह के भ्रम फैलाने की साजिश रचने वाले तंत्र की हमारी पार्टी कड़ी निन्दा करती है। 

पार्टी इस बाबत साफ कर देना चाहती है कि समाज में कई तरह की कुरीतियां, छुआछूत और भेदभाव ने अपनी जड़ें गहरी कर ली है। मसलन उस पर कुठाराघात करना और उसे समाज से मुक्त करने को पार्टी अपना परम कर्तव्य समझती है। क्योंकि इस देश में अमीर, गरीब सभी को सम्मान पूर्वक जीने का यहां संवैधानिक अधिकार है। जिसे सुरक्षित और संरक्षित रखने की जिम्मेदारी इस देश के हर एक  नागरिकों की बनती है। 

इधर, भारतीय जनता पार्टी के कुछ लोगों द्वारा इस बारे में अनाप शनाप बयानबाजी करने के खिलाफ अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी प्रवक्ता शिशिर कौंडिल्य ने कहा कि हमारी चुप्पी को भाजपा कार्यकर्ता हमारी कमजोरी न समझें। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं की हरकतों पर लगाम लगाए। उनके कार्यकर्ताओं की टिप्पणी नाकाबिले बर्दाश्त है। हमने भी कोई चूड़ी नहीं पहन रखी है। अंजाम बहुत बुरा होगा। इधर, पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक संपन्न होने के बाद पार्टी के प्रमुख लोगों की दिल्ली में बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि दिल्ली के राज्य परिषद की बैठक जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगी। उक्त आशय की जानकारी पार्टी प्रवक्ता शिशिर कौंडिल्य ने दी। 

नई दिल्ली से धीरज की रिपोर्ट

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