जीतनराम मांझी के चले जाने पर रालोसपा के प्रवक्ता अभिषेक झा बोले- 'परिवार के किसी सदस्य का चला जाना दुखद होता है'

जीतनराम मांझी के चले जाने पर रालोसपा के प्रवक्ता अभिषेक झा बोले- 'परिवार के किसी सदस्य का चला जाना दुखद होता है'

पटना : जीतनराम मांझी ने आखिरकार महागठबंधन को अलविदा कह दिया. आगे जीतनराम क्या करेंगे ये अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है. सूत्र बता रहे हैं कि हम पार्टी एनडीए में जल्द शामिल होगी. वहीं जीतनराम मांझी के महागठबंधन छोड़ने के बाद रालोसपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा है कि महागठबंधन एक परिवार की तरह है और परिवार के किसी सदस्य का चला जाना दुखद होता है. 

अभिषेक झा ने कहा है कि जीतनराम मांझी जी की पार्टी हम का महागठबंधन से अलग होना सही निर्णय नहीं है. लेकिन कोई किसी को कहीं जाने से रोक तो नहीं सकता है. महागठबंधन सदैव जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाता है और इस बार के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन जनता के बीच जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जाएगा. आगामी विधानसभा के चुनाव में पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिचाई, कार्रवाई और सुनवाई अहम मुद्दे होंगे. जीतन राम मांझी जी के महागठबंधन से चले जाने से नुकसान तो होगा. लेकिन चुनाव से पहले एनडीए की विचारधारा के विपरीत और महागठबंधन की विचारधारा से इत्तेफाक रखने वाले और भी कई दलों को महागठबंधन में शामिल किया जाएगा. इस प्रकार से महागठबंधन का कुनबा और बढ़ेगा. जीतन राम मांझी जी के चले जाने से जो भी नुकसान होगा उसकी भरपाई चुनाव से पहले कर ली जाएगी. वर्षों से बिहार की जनता के साथ अन्याय हुआ है लेकिन इस बार जनता के मुद्दों पर ही चुनाव लड़ा जाएगा और निश्चित रूप से जनता अपना आशीर्वाद महागठबंधन को देगी. 

गौरतलब है कि आज जीतन राम मांझी की हम पार्टी महागठबंधन से अलग हो गई है. मांझी की पार्टी की कोर कमेटी ने फैसला लिया है कि वह अब महागठबंधन का हिस्सा नहीं रहेंगे. माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी जेडीयू के साथ जा सकते हैं. बताया जा रहा है कि जीतनराम मांझी की घर वापसी को लेकर जेडीयू की तरफ से पिछले कई महीनों से कवायद हो रही है. जेडीयू चाहती है कि मांझी की पार्टी हम का पूरी तरह से जेडीयू में विलय हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं होने की सूरत में मांझी की पार्टी के साथ कुछ सीटों पर समझौते का फॉर्मूला तय किया जा रहा है.

आज हुई हम की कोर कमेटी बैठक में महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर लिया गया है. हालांकि अभी तय नहीं हुआ है कि जीतनराम मांझी की पार्टी जेडीयू से हाथ मिलाएगी या नहीं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जेडीयू और मांझी के बीच डील हो चुकी है.

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