KABUL AIRPORT BLAST: सिलसिलेवार धमाकों से 70 से ज्यादा की मौत, 140 से अधिक घायल, बाइडन बोले- ‘हम माफ नहीं करेंगे’

KABUL AIRPORT BLAST: सिलसिलेवार धमाकों से 70 से ज्यादा की मौत, 140 से अधिक घायल, बाइडन बोले- ‘हम माफ नहीं करेंगे’

KABUL: अफगानिस्तान के लिए कल का दिन बेहद ही दर्दभरा और दुनिया को दहला देने वाला रहा। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ठीक सामने गुरुवार शाम दो फिदायीन हमले हुए। इन हमलों में अबतक 70 से ज्यादा लोगों की खबर है, वहीं 140 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस सिलसिलेवार बम धमाकों की पूरे विश्व ने निंदा की है। बता दें, इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ले ली है।

तालिबान ने जाहिर की थी हमले की आशंका

तालिबान ने आशंका जाहिर की थी कि इस्लामिक स्टेट ऐसे हमले कर सकता है। अब इस्लामिक स्टेट ने ही जिम्मेदारी लेकर इसकी पुष्टि कर दी है। वैसे तो तालिबान और इस्लामिक स्टेट दोनों ही कट्टरपंथी हैं लेकिन दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती। इस्लामिक स्टेट के अफगानिस्तान चैप्टर आईएस खोरासान को लेकर आशंका जाहिर की गई थी कि वो बड़े हमले कर सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कड़ा संदेश

काबुल हमले को लेकर व्हाइट हाउस से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि, 'हम माफ नहीं करेंगे. हम नहीं भूलेंगे। हम आपका शिकार करेंगे और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी। हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे। हम अपने अफगान सहयोगियों को बाहर निकालेंगे और हमारा मिशन जारी रहेगा।'

UN महासचिव ने हमले की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने काबुल हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना अफगानिस्तान में जमीन पर स्थिति की अस्थिरता को रेखांकित करती है, लेकिन हमारे संकल्प को भी मजबूत करती है क्योंकि हम अफगान लोगों के समर्थन में देश में तत्काल सहायता देना जारी रखे हुए हैं।

नाटो सेना के सुरक्षा घेरे में सभी विमान

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने दोनों धमाकों की पुष्टि की। सुरक्षा के लिए काबुल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सभी विमानों को नाटो सेना ने सुरक्षा घेरे में ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह फिदायीन हमला था और हमलावर के निशाने पर अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिक थे। इटली के एक एयरक्राफ्ट पर भी फायरिंग की खबर है। इस एयरक्राफ्ट में इटली के अलावा कुछ और देशों के नागरिक थे।

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