औरंगाबाद में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के लिए निकली कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

औरंगाबाद में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के लिए निकली कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

AURANGABAD : कतरासीन पीठाधीश श्री श्री 1008 श्री स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज के नेतृत्व में औरंगाबाद शहर के श्रीकृष्णनगर में ब्रम्हर्षि चाौक के पास शनिवार से श्री लड्डू गोपाल प्राण प्रतिष्ठा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ आरंभ हो गया है। यज्ञ का शुभारंभ जलाहरण सह भव्य शोभा कलश यात्रा से किया गया। इसके पूर्व स्वामी जी के नेतृत्व में सैकड़ो नर-नारियों एवं श्रद्धालु-भक्तों ने यज्ञ स्थल से गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभा कलश यात्रा निकाली। 

यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर विष्णु धाम जम्होर पुनपुन संगम नदी के तट पर पहुंची, जहां स्वामी जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जलाहरण संपन्न कराया। जलाहरण के बाद कलश यात्रा पुनः नगर भ्रमण करते हुए वापस यज्ञ स्थल पहुंचकर समाप्त हुई। अब रविवार को यज्ञ मंडप प्रवेश होगा। इसके साथ ही यज्ञ विधिवत आरंभ हो जाएगा और हजारों श्रद्धालु-भक्त यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर स्वामी जी से आर्शीवाद लेंगे। यज्ञ का समापन 30 अप्रैल को पूर्णाहुति सह महाभंडारा के साथ किया जाएगा। इस दौरान स्वामी जी का प्रतिदिन धार्मिक-आध्यात्मिक प्रवचन होगा। 

साथ ही बाल विदुषी गोदाम्बा वैष्णवी द्वारा प्रतिदिन रामकथा सुनाई जाएगी। स्वामी जी ने बताया कि वैदिक और पौराणिक परंपरा के अनुसार किसी भी धार्मिक कार्य का शुभारंभ जलाहरण से किया जाता है। इसी जल से यज्ञ के सारे धार्मिक कार्य संपन्न होते है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी जल ही जीवन है और जल के बिना जीवन की कल्पना नही की जा सकती है। इसी वजह से किसी भी यज्ञ का शुभारंभ पवित्र नदियों के संगम से जलाहरण कर किया जाता है।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय की रिपोर्ट 

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