केन्द्रीय मंत्रिमंडल का पुनर्गठन समावेशी और स्वागत योग्य, लेकिन कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व भी केन्द्र में आवश्यक :आर के सिन्हा

केन्द्रीय मंत्रिमंडल का पुनर्गठन समावेशी और स्वागत योग्य, लेकिन कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व भी केन्द्र में आवश्यक :आर के सिन्हा

PATNA : पूर्व सांसद आर के सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंत्रिमंडल के पुर्नगठन की सराहना की है. उन्होंने कहा की उन्हें इसके लिए बधाई देता हूँ कि ज्यादातर समुदायों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिला है. उन्होंने कहा की मंत्रिमंडल के पुनर्गठन में जब आप नये लोगों को लायेंगे तो यह सामान्य ही प्रक्रिया है कि कुछ पुराने लोग सेवा निवृत भी किये जायेंगे. जो बहुत वर्षों से मंत्री बने चले आ रहे थे. अत: ऐसे कुछ लोगों की छुट्टी भी की गयी है. 

हालाँकि प्रधानमंत्री ने नये मंत्रिमंडल की पहली बैठक में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि मुझे हमारे किसी पुराने सहयोगी के काबिलियत पर कोई शक नहीं है. इसलिए काबिलियत में कमी के आधार पर उनको सेवानिवृत्त नहीं किया गया है. अब उसके अतिरिक्त क्या आधार हो सकता है यह प्रधानमंत्री को पता होगा या जिन्हें हटाया गया होगा उनको पता होगा. 

लेकिन मेरा यह कहना है कि कायस्थ समाज से जहाँ तीन-तीन मंत्री होते थे एक समय में और आज के दिन एक भी मंत्री नहीं है. इस चिंतनीय विषय पर विचार करना होगा. जिस समाज का स्वतंत्रता आन्दोलन में अहम् योगदान रहा. जिसने भारत को प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, यशस्वी प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और असम, बंगाल, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु तक में अनेकों मुख्यमंत्री दिए. उसके उपयुक्त प्रतिनिधित्व पर प्रधान मंत्री को एक बार विचार अवश्य करना चाहिये.   

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