केदारकंठ पर फतह के बाद घर लौटे बच्चे, कहा - अब माउंट एवरेस्ट की करेंगे चढ़ाई

केदारकंठ पर फतह के बाद घर लौटे बच्चे, कहा - अब माउंट एवरेस्ट की करेंगे चढ़ाई

नालंदा। नालंदा के दो युवाओं ने उत्तराखंड के केदारकंठ की दुर्गम 12 हजार 500 फीट  ऊंची बर्फीली चोटी पर तिरंगा लहराकर जिला का मान बढ़ाया है।  प्रिया रानी व अभिषेक रंजन के हौसले इसके बाद और भी बुलंद हैं। अपनी सफलता के बाद घर लौटे दोनों बच्चों ने कहा कि केदारकंठ के बाद अब वे माउंट एवरेस्ट को फतह करने की कोशिश करेंगे।

इससे पहले केदारकंठ पर तिरंगा लहराकर घर लौटे दोनों पर्वतारोहियों को जिलेवासियों ने भव्य स्वागत किया। शहर के खंदकपर मोहल्ला में उनके आवास पर दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। मानपुर थाना के परोहा गांव निवासी अभिषेक ने बताया कि बचपन से ही कुछ कर गुजरने का जज्बा था। अब माउंट एवरेस्ट पर हमारी नजर है। जल्द ही वहां भी भारतीय तिरंगा लहराएंगे। वे आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। 

पर्वतारोही प्रिया की तमन्ना फौजी बनने की

बिहारशरीफ के खंदकपर स्थित मानपुर धवन निवासी प्रिया रानी वर्ष 2019 में मैट्रिक करने के बाद पिछले 4 महीनों से केदारकंठ पर चढ़ाई की तैयारी कर रही थी। महज चार माह की तैयारी में केदारकंठ को फतह किया। अब उनका सपना माउंट एवरेस्ट पर जाने का है। इसके साथ ही वे फौजी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के बाद भी वे अपनी तैयारी जारी रखेंगी। फौजी बनकर अपने जिला का नाम रौशन करना चाहती हैं। प्रिया ने अन्य लड़कियों को डर से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। 

जमुई निवासी पर्वतारोही निशु सिंह के नेतृत्व में यह टीम 28 से 31 दिसम्बर तक केदारकंठ दुर्गम चोटी पर चढ़ाई  की। इस दौरान लगभग 20 किलोमीटर की दुर्गम चढ़ाई चढ़नी पड़ी। गीता देवी, आरती देवी, अनील कुमार व अन्य ने उन्हें बधाई दी है।

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