शिक्षा विभाग के निदेशक से केदारनाथ पाण्डेय ने की मुलाकात, शिक्षकों के वेतन बढ़ोतरी के विसंगतियों पर की चर्चा

शिक्षा विभाग के निदेशक से केदारनाथ पाण्डेय ने की मुलाकात, शिक्षकों के वेतन बढ़ोतरी के विसंगतियों पर की चर्चा

PATNA : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष और विधान परिषद के सदस्य केदारनाथ पांडे संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह प्रभारी महासचिव विनय मोहन ने कहा की नियोजित शिक्षकों के 1 अप्रैल 21 से मूल वेतन में 15% की वृद्धि करने का सरकार ने जो निर्णय लिया है। उसमें निदेशालय के विभिन्न पत्रों द्वारा कैलकुलेटर के माध्यम से वेतन निर्धारण का मामला चल रहा है। जिसमें कई विसंगतियां पैदा हो रही है। और शिक्षकों को तीन प्रतिशत वेतन वृद्धि का घाटा हो रहा है। जबकि सरकार का निर्णय मूल वेतन में 15% बढ़ोतरी करने का है। सरकारी आदेश के मुताबिक  मूल वेतन में 15% का वृद्धि करना है। जबकि शिक्षा विभाग ने इसे वेतन सुधार मानते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि के तारीख को 1 जनवरी 2022 करके शिक्षकों को घाटे में ला दिया है। इस बिंदु पर आज माध्यमिक शिक्षा निदेशक से बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदारनाथ पांडे और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह मिले और इस ओर निदेशक का ध्यान खींचा। निदेशक ने इसे गंभीरता से लेते हुए उपनिदेशक को संचिका बढ़ाने का निर्देश दिया। पांडे और सिंह ने निदेशक का ध्यान इस बिंदु की ओर आकृष्ट किया कि नियमित शिक्षकों को वरीय प्रवर कोठी और प्रवरण वेतनमान के निर्धारण में एफआर 22c का लाभ देने का निर्णय सरकार के द्वारा संसूचित था। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में जो लाभ मिला था। उसे कटौती नहीं करना था। लेकिन कतिपय मामलों में निदेशक ने कटौती का आदेश दे दिया है और महालेखाकार भी सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन में कटौती कर रहे हैं। दोनों सदस्यों ने उस पर रोक लगाने की मांग की है। निदेशक ने इस पर करवाई का आश्वासन दिया है। उधर जहानाबाद में विद्यालय के अनुश्रवण के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों का प्रतिनियोजन किया है। वहां मनमाने ढंग से विद्यालय का संचालन 9:30 के बजाए 9:00 बजे से कर दिया गया है। इस पर ध्यान आकृष्ट किए जाने पर तुरंत निदेशक में जिला शिक्षा पदाधिकारी को अपना गलत आदेश वापस लेने का निर्देश दिया।


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