मुज़फ़्फ़रपुर में बाढ़ से नुकसान का केंद्रीय टीम ने लिया जायजा, अधिकारियों के साथ की बैठक

मुज़फ़्फ़रपुर में बाढ़ से नुकसान का केंद्रीय टीम ने लिया जायजा, अधिकारियों के साथ की बैठक

MUZAFFARPUR : जिले में बाढ़ की त्रासदी से हुए नुकसान का आकलन करने गुरुवार को दो सदस्यीय केंद्रीय टीम मुज़फ़्फ़रपुर पहुँची. उन्होंने जिले के समाहरणालय सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षति का पूरा डाटा लिया. अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जिले से उपलब्ध कराये गए डाटा के साथ केंद्रीय टीम जिले के अधिकारियों के साथ कई प्रखंड क्षेत्र में नुकसान का जायजा लेने निकली. मामले में पूछे जाने पर जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि जिले में 16 प्रखंडों में से 15 प्रखंड में बाढ़ से क्षति हुई है. 

उसी के प्रभाव और क्षति का आकलन करने दो सदस्यीय केंद्रीय टीम मुजफ्फरपुर पहुंची है. जिले के विभिन्न प्रखंडों का दौरा करेगी. हम लोगों के द्वारा डाटा उपलब्ध कराया गया है. जिले में तीन बड़ी नदियां और बाकी छोटी नदियों तथा भारी बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है. लगभग 23 लाख की जनसंख्या जिले में प्रभावित हुई है. जिसमें से छह लाख परिवार भी प्रभावित हुए है. सरकार द्वारा निर्धारित 6000 रूपये की राशि करीब पांच लाख लोगों तक पहुंचा दिया गया है. एक लाख लोगों को इसी सप्ताह 6000 रूपये की मुआवजा दे दी जाएगी. 

मानव क्षति और पशु क्षति का मुआवजा भी हम लोगों ने दे दिया है. जो गृह क्षति हुई है, उसका आकलन हमलोग कर रहे है. जल्द ही उसके मुआवजे की भी डिमांड हमलोग सरकार से करेंगे. फसल क्षति लगभग 65% हुआ है. जिले में सबका डाटा केंद्रीय टीम के समक्ष रखा गया है. केंद्रीय टीम स्थल निरीक्षण कर अपना रिपोर्ट भेजेगी. केंद्रीय टीम द्वारा जिले के कई प्रखंडों के विभिन्न गांव का दौरा कियागया.इस दौरान केंद्रीय टीम से स्थानीय लोगों  ने बाढ़ की त्रासदी के बारे में आपबीती सुनाई और नुकसान के बारे में बताया. केंद्रीय अधिकारी ने सभी लोगों द्वारा बताए गए नुकसान काआंकड़ा लिखा गया. वही दूसरी ओर बोचहां क्षेत्र के किसानों से पूछे जाने पर कहा कि आखिर देश के अन्नदाता को इस त्रासदी में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई अब सरकार कैसे करेगी. 

लागत जो लगा था. वह मिल पायेगा भी या नही,इसका नहीं पता. अधिकारियों की टीम आयी है. लिखकर ले गयी है. अब पता नही क्या मिलेगा क्या नही. कम से कम जो लागत है उसकी भरपाई हो जाती तो किसानों को बड़ी राहत मिलती. दूसरी ओर जिले के रंजीत सहनी, राजा सहनी, सूरज कुमार सहित कई किसानों ने कटरा क्षेत्र में कहा कि सब्जी के खेती के लिए पैसा उठाकर लगाए हुए थे. लेकिन बाढ़ में सब बर्बाद हो गया. खेती पूरी डूब गई. थोड़ा बहुत ही बेच पाया था. महाजन का पैसा कैसे चुकाएँ. यह सोच कर जिंदगी काट रहे है. अब सरकार के मुआवजा का इंतजार है. महाजन का पैसा लौटा देंगे तो फिर दूसरी खेती के लिए पैसा उठा पाएंगे.  

मुज़फ़्फ़रपुर से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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