खुल गया राज से पर्दा सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या थी या हत्या ?

खुल गया राज से पर्दा सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या थी या हत्या ?

डेस्क... हम सभी जानते हैं सुशांत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. उनकी मौत पर मुंबई पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है.आत्महत्या? आखिर क्यों? क्या है वजह? इस तरह के कई प्रश्न उठे. उनकी मौत हर किसी के लिए एक सदमा थी. सुशांत का परिवार, मीडिया और उनके प्रशंसक इस तरह के कई सवालों के जवाब ढूंढते रहे. 

हालाँकि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला दिख रहा था लेकिन पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. उनकी डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए बीएमसी के कूपर्स हॉस्पिटल भेजा गया. जब रिपोर्ट आई तो मुंबई पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक त्रिमुखे ने कहा, 'पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत की मौत फ़ाँसी की वजह से दम घुटने से हुई है.इस बीच, यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा: सुशांत ने आत्महत्या क्यों की? या क्या उनकी हत्या की गई? सुशांत के परिवार ने भी उनकी मौत पर सवाल उठाए. 

मुंबई पुलिस ने सुशांत के विसरा को जाँच के लिए कालिना फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा. फॉरेंसिक लैब ने मुंबई पुलिस को 27 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट भेजी, जिसमें कहा गया कि 'यह हत्या नहीं है और सुशांत के विसरा के नमूनों में न तो कोई दवा और न ही हानिकारक रसायन पाए गए.' फॉरेंसिक अधिकारियों ने बताया कि 'सुशांत ने जिस कपड़े से फ़ाँसी लगाई, वो 200 किलो तक वजन सह सकते थे.'

कहां पहुंची ईडी की जाँच

सुशांत के परिवार ने आरोप लगाया कि रिया ने 15 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है. प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामले की पूछताछ शुरू की. इस बात की जाँच की गई कि क्या सुशांत के पैसे से कोई मनी लॉन्ड्रिंग हुई है? ईडी ने जाँच के लिए रिया चक्रवर्ती को तलब किया. रिया से सुशांत के वित्तीय लेनदेन और निवेश के बारे में सवाल पूछे गए.

रिया के प्रबंधक और सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर से भी पूछताछ की गई. एक महीने की पूछताछ के बाद ईडी के सूत्रों ने कहा कि "रिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं हैं कि उसने कोई मनी लॉन्ड्रिंग की है. इस बात के भी कोई सबूत नहीं हैं कि वे सुशांत के पैसे में हेराफेरी कर रही थीं." ईडी के अधिकारियों ने कहा कि सुशांत के बैंक खाते और रिया और उसके परिवार के सदस्यों के बीच कोई लेन-देन नहीं किया गया है. हालाँकि, ईडी ने इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

एनसीबी की जाँच कहाँ तक पहुँची?

इस बीच न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने बताया कि ईडी की जाँच के दौरान रिया दो फ़ोन क्लोन किए गए थे और उसमें ड्रग्स ख़रीदने और लेने के बारे में कुछ जानकारी मिली. ईडी की रिपोर्ट के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स लेने के ऐंगल से इस मामले में जाँच शुरू की. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती को तलब किया. दो दिनों की पूछताछ के बाद रिया को 8 सितंबर को गिरफ़्तार किया गया. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के उप निदेशक केपीएस मल्होत्रा ने मीडिया को रिया की गिरफ़्तारी के बारे में सूचित किया. इस बीच, एनसीबी के उप महानिदेशक अशोक मुथा ने मीडिया से कहा, "रिया के घर में ड्रग्स नहीं मिली. हालाँकि, उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं." अदालत को सौंपी गई रिमांड रिपोर्ट में ब्यूरो की तरफ से यह दावा किया गया कि रिया ने ड्रग्स ख़रीदने में अपनी भागीदारी कबूल कर ली है. रिया एक महीने तक जेल में रहीं फिर मुंबई हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिया की जमानत अर्जी के ख़िलाफ़ बहस करते हुए एनसीबी ने अदालत को बताया कि "यह सुशांत की मौत से जुड़ा मामला नहीं है. वह खुद ड्रग्स लेती थीं. लेकिन यह डील केवल उन तक ही सीमित नहीं है."

एनसीपी ने कोर्ट को दिए एक हलफनामे में कहा, "रिया ने ड्रग्स ख़रीदे. उन्होंने यह तथ्य छुपाया कि सुशांत भी एक ड्रग्स एडिक्ट थे. रिया के व्हाट्सएप्प चैट से पता चलता है कि वह ड्रग्स के व्यापार और ड्रग्स की तस्करी में शामिल थीं. इंडियन एक्सप्रेस ने इसे अपने अख़बार में छापा. एनसीबी ने ड्रग्स से जुड़े मामले में अभिनेत्रा दीपिका पादुकोण, रकुल प्रीत सिंह और सारा अली ख़ान को भी तलब किया. इस ख़बर के लिखे जाने तक ड्रग्स के मामले में एनसीबी की जाँच भी अभी जारी है.लेकिन मौत से जुड़ी गुत्थी अब सुलझ गई है.

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