मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत का आयोजन, भारी संख्या में पहुंचे किसान, सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पुलिस बल तैनात

मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत का आयोजन, भारी संख्या में पहुंचे किसान, सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पुलिस बल तैनात

मुजफ्फरनगर. तीन कृषि कानून के विरोध में किसानों का आक्रोश लगातार जारी है. पिछले 9 महीने से दिल्ली के बॉर्डर पर धरने प्रदर्शन के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मुजफ्फरनगर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं. राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. इस महापंचायत का आयोजन भारतीय किसान यूनियन के द्वारा किया जा रहा है.

मुजफ्फरनगर में इस समय चारों ओर किसानों की भारी भीड़ है. यहां पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम उत्तर प्रदेश किसानों की अच्छी खासी भागीदारी देखने को मिल रही है. कहा जा सकता है कि किसानों में केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश है. कुछ किसान संगठनों का मानना है कि चुनाव से इस महापंचायत का कोई लेना देना नहीं है क्योंकि किसान संगठन पहले ही भारतीय जनता पार्टी को हराने की बात कह चुके हैं.


कई राज्यों में चुनाव है, तो कई राज्यों में चुनाव नहीं भी है वहां भी सरकारों का विरोध है. मुजफ्फरनगर में बाहर से आने वाले किसानों की रहने और खाने की व्यवस्था को लेकर मुजफ्फरनगर के किसान जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. चाहे वह भंडारा हो या ढाबा हो सभी किसानों को निशुल्क भोजन के अलावा नाश्ता चाय सभी उपलब्ध है. अलग-अलग भंडारे में अलग-अलग प्रकार का भोजन किसानों को खाने के लिए मिल रहा है. फिलहाल राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान किसानों से खचाखच भरा हुआ है और किसानों के आने का सिलसिला लगातार अभी भी जारी है.

किसान नेताओं और खाप चौधरियों का मंच पर पहुंचना भी शुरू हो चुका है. कुछ किसानों का मानना है कि आज यह सरकारों के खिलाफ किसानों का आक्रोश है. इस महापंचायत के जरिए उत्तर प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में एक बड़ा संदेश जाने वाला है और जब तक सरकार तीन कृषि कानून वापस नहीं लेगी. इसके अलावा जो किसानों की मांगे हैं, इसको लेकर यह महापंचायत बुलानी पड़ रही है. इसका उदेश्य तीनों कृषि कानून के अलावा उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के भुगतान या फसलों के वाजिब दाम एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर लगातार किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है.

महापंचायत को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की अगर बात करें तो यहां पर पीएसी की कई कंपनियां तैनात है. आरएएफ फोर्स मौजूद है. दंगा नियंत्रण महान सभा स्थल से कुछ ही दूरी पर खड़ा है. प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. एसएसपी अभिषेक यादव अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार नगर मजिस्ट्रेट और बाहर से बुलाए गए दर्जनों पुलिस के बड़े अधिकारी लगातार अपने अपने पॉइंट पर निगरानी रख रहे हैं.


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