किसान संगठनों ने कई जगहों पर ठप किया रेल परिचालन, पुलिस ने आंदलनकारियों को किया गिरफ्तार

किसान संगठनों ने कई जगहों पर ठप किया रेल परिचालन, पुलिस ने आंदलनकारियों को किया गिरफ्तार

BETTIAH : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज राष्ट्रव्यापी रेल रोको कार्यक्रम में बिहार के पश्चिम चंपारण जिला के बेतिया मुख्यालय में 12 बजे से 1.15 तक रेल परिचालन रोका गया. इस दौरान रेल पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तनातनी बढ़ गयी. इस बीच अनुमंडल पदाधिकारी बेतिया और डी एस पी सदर के नेतृत्व में पुलिस बल ने प्रदर्शकारियों को हटाना चाहा. 

इस बीच धक्का मुक्की करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाने में असफल होने पर दोनों पदाधिकारियों ने गिरफ्तारी का आदेश दिया. जिसके बाद प्रदर्शकारियों को गिरफ्तार कर बेतिया प्लेटफार्म के एक हिस्से को कैम्प जेल में बदल दिया गया. प्रदर्शन केंद्र सरकार के द्वारा किसान विरोधी तीन काले कानूनों के खिलाफ और एमएसपी को कानूनी दर्जा की गारंटी देने, गन्ना का मूल्य ₹400 करने  तथा बकाए पैसे का भुगतान अविलंब किसानों को देने, मनरेगा के मजदूरों को ₹300 मजदूरी देने जैसी मांगों को लेकर किया गया. इस मौके पर कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शाही कुमार राय, प्रेमचन्द दुबे , दिनेश महतो, वजैर आलम , परमेश्वर तिवारी, भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष नन्द किशोर विकल, जन संघर्ष दल के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मामुन सहित सैकड़ों कार्यकर्त्ता शामिल थे. 

उधर कैमूर जिले के भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर जन अधिकार पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में किसानों के हो रहे आंदोलन के समर्थन में हावड़ा जोधपुर ट्रेन रोककर रेल चक्का जाम कर दिया. जाप नेता भभुआ के पूर्व विधायक रामचंद्र यादव के नेतृत्व में जुटे हुए थे. इस दौरान कृषि बिल को वापस लेने की मांग और सरकार विरोधी नारा लगा रहे थे. इनके हुजूम के आगे हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस काफी देर तक स्टेशन पर रुकी रही. आरपीएफ और जीआरपी के तत्परता से उन लोगों को समझा-बुझाकर रेलवे ट्रैक से हटाया गया, फिर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सका. 

जानकारी देते हुए जन अधिकार पार्टी के नेता रामचंद्र यादव ने बताया की किसान लगातार 3 महीना से अपना काम धंधा छोड़कर रोड पर धरना प्रदर्शन दिल्ली के सड़क पर दे रहे हैं. जो तीन कानून प्रधानमंत्री जी लाए हैं उसके खिलाफ किसान उनसे आग्रह कर रहे हैं कि यह कानून हमारे लिए अच्छा नहीं है. आप इसे वापस कर लीजिए. हमें पुराने स्थिति में छोड़ दीजिए. लेकिन मोदी जी के जिद और चंद मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लागू करने और अपने मित्रों को असीमित भंडारण कराने के लिए कानून वापस नहीं ले रहे हैं. जन अधिकार पार्टी किसान आंदोलन में किसानों के समर्थन में चक्का जाम किया जा रहा है. जब तक किसानों के समर्थन में दिल्ली में आंदोलन चलता रहेगा. तब तक पप्पू यादव के नेतृत्व में बिहार में भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रहेगा. हम नेता बाद में है. लेकिन पहले किसान के बेटा है. उस किसानों के लिए हम लोगों को आगे आना है. यह कानून किसी पंजाब-हरियाणा के लिए नहीं है. बल्कि देश के सभी राज्यों के लिए है. लेकिन जब तक कानून वापस नहीं होगा हम लोगों का प्रदर्शन जारी रहेगा. 

बेतिया से आशीष कुमार और कैमूर से देवब्रत की रिपोर्ट 

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