पीएम ने दुग्ध उत्पादकों से की किसानों की तुलना, कहा- वह आजादी से काम कर सकते हैं तो देश के किसान क्यों नहीं

पीएम ने दुग्ध उत्पादकों से की किसानों की तुलना, कहा- वह आजादी से काम कर सकते हैं तो देश के किसान क्यों नहीं

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग किसान आंदोलन का विरोध कर रहे हैं, वह कल उनके साथ खड़े थे। लेकिन, उन्होंने अचानक यू-टर्न ले लिया। देश के किसानों,नेताओं को यह समझना होगा बदलाव आज की जरुरत है। कभी मनमोहन सिंह जी इस बात का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि किसान को उपज बेचने की आजादी दिलाने का समर्थन किया था। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके राज्यों में भी कुछ न कुछ बदलाव किया गया है।

पीएम ने दुध उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा यह किसी बंधन में बंधा हुआ नहीं है। प्राइवेट और को-ऑपरेटिव ने बेहतर सप्लाई चेन बनाई गई है और यह बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं। क्या डेयरी वालों का पशु पालकों की जमीन पर कब्जा हो जाता है। आज 28 फीसदी दुध उत्पादक डेयरी चेन से जुडे़ हैं, आठ लाख करोड़ का कारोबार है, अनाज और दाल से भी अधिक कमाई है। अगर पशुपालकों को आजादी मिली है, तो किसानों को यह आजादी क्यों नहीं मिलनी चाहिए। इन सवालों का जवाब ढूढ़ेंगे तो हम सही रास्ते पर चलेंगे। डेयरी और पशुपालकों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। 

पीएम ने कहा कि कोई भी परिवर्तन होता है तो थोड़ी समस्या आती है, हरित क्रांति के दौर में भी ऐसा हुआ था। शास्त्री के काल में कोई कृषि मंत्री नहीं बनना चाहता था। हरित क्रांति का योजना आयोग ने भी विरोध जताया था, उस समय शास्त्री ने यह कदम उठाया, पहले लेफ्ट ने सवाल उठाया था। देश भर में विरोध हुआ था। इसी माहौल में भी शास्त्री जी और उनकी बाद की सरकार ने आगे बढ़ाया। 

पीएम ने  कहा कि रिकार्ड उत्पादन के बाद भी कृषि क्षेत्र में कई समस्याएं हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सभी को साथ आना होगा। अब हमारे पास ज्यादा समय नहीं है। कोरोना लॉकडाउन में किसानों ने बेहतर काम किया। रिकार्ड उत्पादन किया। पीएम ने कहा हर कानून में समय के साथ बदलाव होता है, यह स्थायी नहीं होता है, सभी को बेहतर सुझाव के साथ आगे आना चाहिए। पीएम ने कहा हो सकता है कि आज मैंने किया, गालियां मुझे मिली, लेकिन किसानों के लिए जरुरी है कि सभी को मिलकर चलना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से जुड़े लोगों को अपील की कि वह अपना आंदोलन खत्म करें, मैं सदन में सभी किसानों को निमंत्रण देता हूं बैठकर बात करते हैं, देश को आगे बढ़ाने के लिए आगे आने चाहिए। कोई कमी होगी तो उसे ठीक करेंगे। पीएम ने फिर कहा कि एमएसपी है और हमेशा रहेगा। मेरी अपील है कि किसी प्रकार का भ्रम न फैलाएं।



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