कोर्ट कैंपस बना कुख्यातों की हत्या के लिए सेफ जोन, अबतक कई गैंगस्टर हुए ढेर, पढ़िए न्यूज4नेशन की खास रिपोर्ट

कोर्ट कैंपस बना कुख्यातों की हत्या के लिए सेफ जोन, अबतक कई गैंगस्टर हुए ढेर, पढ़िए न्यूज4नेशन की खास रिपोर्ट

PATNA : सीतामढ़ी कोर्ट में दिनदहाड़े मंगलवार को अपराधियों ने गैंगस्टर संतोष झा को गोलियों से भून डाला। 28 अगस्त को संतोष झा को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था। जहां पर पहले से घात लगाए अपराधी उसका इंतजार कर रहे थे और मौका मिलते ही उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। एके-47 और पिस्टल से लैस अपराधियों ने उसे निशाने पर ले रखा था। 20 गोली चलायी गयी, जिससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। 

अचानक हुई गोलीबारी से पूरे कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गयी। लोग इधर-उधर भागने लगे। संतोष के साथ आये पुलिसवाले भी मौके पर मौजूद नहीं दिखे और न ही उन्होंने काउंटर फायरिंग करने की जरुरत समझी। बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब कोर्ट में पेशी के दौरान किसी कुख्यात पर जानलेवा हमला किया गया। 

इसके पहले भी बेतिया और बाढ़ कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान कुख्यात अपराधियों को निशाना बनाया गया। लेकिन अचरज की बात तो यह है कि लगातार कोर्ट परिसर में अपराधियों की हत्या हो रही है और पुलिस कोर्ट की सुरक्षा को लेकर हाथ-पर-हाथ धरे बैठी हुई है।

कुख्यात अभिषेक झा की हत्या

इसके पहले भी 16 जुलाई, 2018 को सिकरहना अनुमंडल कार्यालय के गेट पर बदमाशों ने दिनदहाड़े कुख्यात संतोष झा के शार्प शूटर अभिषेक झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद अपराधी पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर भाग निकले थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक तमंचा, तीन कारतूस और तीन खोखे जब्त किए थे। वीडियो फुटेज से यह बात साफ हो गई थी कि भागने की फिराक में अभिषेक अपने ही साथियों की गोली से मारा गया।

शिवहर जिले के श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के डुमरी कटसरी निवासी अभिषेक झा पर ढाका थाने में दर्ज रंगदारी के एक मामले में ट्रायल चल रहा था। उसे मोतिहारी केंद्रीय कारा से सिकरहना एसडीजेएम की कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इस दौरान उसने शौच जाने की बात कही। सुरक्षाकर्मी उसे अनुमंडल कार्यालय परिसर में ले गए। वहां घात लगाए बदमाशों ने सिपाहियों की आंख में मिर्च पाउडर झोंक फायरिंग शुरू कर दी। अभिषेक को तीन गोलियां लगी और वह वहीं गिर पड़ा। जख्मी अभिषेक को मोतिहारी सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 

बेतिया कोर्ट परिसर में मारा गया था कुख्यात बबलू दूबे

उत्तर बिहार के कुख्यात अपराधी बबलू दूबे की भी हत्या दिनदहाड़े बेतिया कोर्ट परिसर में गोली मारकर कर दी गयी थी। 11 मई, 2017 को बबलू को कोर्ट परिसर में गोली मारी गयी थी। यह वारदात तब हुई थी जब एक मुकदमे में पेशी के बाद बबलू दूबे कोर्ट बिल्डिंग की सीढ़ी से नीचे उतर रहा था। दो हथियारबंद अपराधियों ने बबलू दूबे पर हमला कर दिया था। अपराधियों ने दूबे को पांच गोली मारी थी। गोलियों की तड़तड़ाहट से बेतिया कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गयी और इसी बीच अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद कोर्ट परसिर से फरार हो गये। 

बता दें कि कुख्यात बबलू दूबे पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना अन्तर्गत सिसवा खरार गांव का रहने वाला था। दूबे के खिलाफ पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर एवं गोपालगंज जिले के कई थानों में करीब तीन दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। दूबे पर दर्ज अधिकांश मामले रंगदारी, लूट, हत्या एवं अपहरण से संबंधित हैं।

बाढ़ कोर्ट में कुख्यात की हत्या

बाढ़ कोर्ट में 8 सितंबर, 2017 को अंधाधुंध फायरिंग कर गैंगस्टर गुड्डू सिंह को मौत के घाट उतार दिया गया था। अत्याधुनिक हथियारों से लैस दो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए पेशी के लिए लाये गये कुख्यात कैदी गुड्डू सिंह को गोलियों से भून डाला। गोलीबारी में दो अन्य कैदी बरकुन महतो व गुड्डू सिंह भी घायल हुए थे। हालांकि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल 3 अपराधियों को धर-दबोचा था। नवरंगा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने भास्कर राव उर्फ भासो राव, विपुल और अभिराम को पकड़ा था

उस वक्त जांच में जुटी पुलिस का कहना था कि गोली मारने में भले ही दो-तीन अपराधी हों पर इस घटना को अंजाम देने के लिए करीब 8 अपराधी आए थे। कुछ अपराधी कोर्ट परिसर में घूम रहे थे। कुछ कोर्ट के बाहर खड़े थे। पुलिस ने जब घटनास्थल पर मौजूद कैदियों से पूछताछ की थी तो उन लोगों ने बताया था कि गोली लगने के बाद गुड्डू सिंह वहीं लुढ़क गया था। मरने से पहले उसने कहा था- मार देलको वकीलवा के बेटवा। घायल बड़कून से जब इस बाबत पुलिस ने पूछताछ की थी तो उसने भी कहा था कि मोनू-सोनू को गोली मारते देखे हैं। 

नवादा सिविल कोर्ट में दो अपराधी की बम मारकर हत्या

2004 में नवादा जिले के सिविल कोर्ट में कुख्यात अपराधी हुराई गांव के पंकज सिंह और शेखपुरा जिला के सुभाष सिंह की बम मारकर हत्या कर दी गयी थी। कोर्ट के हाजत के समीप सामने से बम फेंक कर दोनों की हत्या कर दी गयी थी। इस संबंध में कांड संख्या 174/2004 के तहत मामला दर्ज हुआ था। दोनों अपराधियों पर हत्या व अन्य संगीन कांडों में मामला दर्ज था।

भागलपुर कोर्ट में हत्या की कोशिश

भागलपुर के व्यवहार न्यायालय परिसर में भी हत्या के आरोपी अभियुक्त को गोली मारने की कोशिश की गयी थी। 8 अगस्त को जब आरोपी को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया तब उसपर जानलेवा हमला किया गया। हालांकि वहां मौजूद लोगों और पुलिस की सूझबूझ से सभी अपराधियों को पकड़ लिया गया था।

उक्त चारों अभियुक्तों को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। हत्या का बदला लेने की नीयत से लगभग दर्जन भर अपराधी कोर्ट परिसर में पहले से घात लगाए हुए थे। जैसे ही संजीव तिवारी और अन्य तीन अभियुक्त कोर्ट पहुंचे। वहां पूर्व से घात लगाए अपराधी दिव्यांशु झा ने उसे मारने के इरादे से कमर से पिस्टल निकाला, तभी अभियुक्त संजीव के परिजनों की नजर उस पर पड़ी और उनलोगों के साथ ही वहां मौजूद पुलिसवालों ने उसे धर- दबोचा।


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