जानिए बिहार पुलिस कब-कब हुई मॉब लिंचिंग की शिकार ?

जानिए बिहार पुलिस कब-कब हुई मॉब लिंचिंग की शिकार ?

बिहार पुलिस पर कब-कब हुई  मॉब लिंचिंग की शिकार :-

20 अगस्त 2019: छपरा में अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में SIT के सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश शाह समेत एक कांस्टेबल की मौत हो गई थी. सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश शाह भोजपुर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नागोंपुर पिरौटा गांव के निवासी थे.

5 सितंबर 2020: पटना के जक्कनपुर थाना के अंतर्गत एक शराब माफिया गिरोह के सदस्यों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई थी. इसमें एक ASI घायल हो गया था. पुलिस के साथ मारपीट भी की गई थी. एक जवान की वर्दी फाड़ दी गई थी और उनकी टोपी और बैज को गिरा दिया गया.

दिसंबर 2020: सीतामढ़ी के सोनबरसा थाना क्षेत्र के मयूरबा गांव में होमगार्ड के एक जवान से बाइक पर सवार दो अपराधी हथियार के साथ रंगदारी मांगने के लिए पहुंचे थे. इनकार करने पर अपराधियों ने हथियार से उपेंद्र यादव को मारने की कोशिश की तब उपेंद्र यादव ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण इकट्ठा हो गये और दोनों अपराधियों को पीटना शुरू कर दिया था. दोनों अपराधियों की इतनी बेरहमी से पिटाई की गई कि उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी.

23 जनवरी 2021: चंपारण के रामनगर थाना क्षेत्र के मधुबनी गांव में शराब धंधेबाजों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ईंट पत्थर से हमला कर दिया गया. कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. पुलिस की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. पुलिस टीम को अपना वाहन को छोड़कर भागना पड़ा था.

12 फरवरी 2021: पश्चिम चंपारण के मझौलिया में शराब तस्करों के लिए छापेमारी करने गई पुलिस पर महिलाओं ने हमला बोल दिया. गुस्साए लोगों ने पुलिस की 2 गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.

18 फरवरी 2021: पटना में मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के सम्यागढ़ ओपी क्षेत्र में शराब माफियाओं ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया. चार शराबियों ने ओपी प्रभारी को चारों तरफ से घेर लिया और जमीन पर पटक दिया. ओपी प्रभारी के शोर मचाने पर अन्य जवान पहुंचे और अपराधियों को मौके से ही दबोच लिया.

22 फरवरी 2021: प. चंपारण के बथवरिया थाना क्षेत्र स्थित चंद्राहा रूपवलिया गांव में शराब माफियाओं को गिरफ्तार करने पहुंच पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया था. ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मारपीट की. पुलिस किसी तरह वहां से जान बचाकर भागी थी.

24 फरवरी 2021: इस दिन सीतामढ़ी में शराब तस्करी होने और शराब की खेप उतरने की गुप्त सूचना पर मेजरगंज के दारोगा दिनेश राम ने पुलिस फोर्स के साथ रेड की थी। उस दौरान तस्करों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस केस में दो नामजद पकड़े गए थे, जबकि एक रंजन सिंह की लाश घटनास्थल से तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर बरामद हुई थी.

10 अप्रैल 2021: बिहार के किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की शनिवार तड़के पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. वे बाइक चोरों को पकड़ने के लिए बिहार की सीमा से निकलकर बंगाल के इलाके में गए थे.


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