कोविड-19 टीकाकरण : बचे हुए स्वास्थ्यकर्मी आज टीका नहीं लेंगे तो उनका नाम पोर्टल से हमेशा के लिए होगा डिलिट

कोविड-19 टीकाकरण : बचे हुए स्वास्थ्यकर्मी आज टीका नहीं लेंगे तो उनका नाम पोर्टल से हमेशा के लिए होगा डिलिट

डेस्क...  बिहार में कोरोना टीकाकरण अभियान के पहले दिन छूटे हुए स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सोमवार को टीका लेने का आखिरी मौका होगा। अगर वे लोग सोमवार को टीका नहीं लेंगे तो कोविड पोर्टल पर उनका नाम हमेशा के लिए डिलिट हो जाएगा। ऐसे कर्मियों को फिर बाद में सामान्य नागरिकों की तरह टीका लेना होगा। यह जानकारी जिला टीकाकरण पदाधिकारी डॉ. एसपी विनायक ने दी।

 उन्होंने कहा कि छूटे हुए कोरोना वॉरियर्स को भी दूसरे दिन की सूची में शामिल नए अभ्यर्थियों के साथ टीका दिया जाएगा। सभी लोगों के मोबाइल पर सूचना दे दी गई है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह ने बताया कि छूटे हुए स्वास्थ्यकर्मियों का यदि कोविड पोर्टल पर नाम आएगा तभी उनको टीका मिलेगा। अगर नाम नहीं आएगा तो टीका नहीं लगेगा। पहले दिन जिन केंद्रों पर टीकाकरण हुआ था, सोमवार को भी वहीं लगेगा। जिले में सभी बड़े अस्पतालों को 100-100 लाभुकों को टीका देने का लक्ष्य दिया गया है। 

पीएमसीएच के प्राचार्य और आईजीआईएमएस के अधीक्षक आज लेंगे टीका
पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी और आईजीआईएमएस के अधीक्षक-2 डॉ. कृष्ण गोपाल को सोमवार को टीका लगेगा। जबकि पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. बिमल कारक और आईजीआईएमएस के अधीक्षक-1 मनीष मंडल का टीकाकरण सूची में नाम नहीं है। सोमवार को टीका लेने वालों में अब डॉक्टरों की संख्या अधिक हो गई है। दोनों संस्थानों की सूची में लगभग 60 से 70 नाम डॉक्टरों के शामिल हैं। नर्सिंग स्टाफ, पारा मेडिकल कर्मियों व सफाईकर्मियों की संख्या कम हो गई है। पीएमसीएच से चार हजार स्वास्थ्यकर्मियों की जबकि आईजीआईएमएस से 2763 लोगों की सूची राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजी गई थी। इनमें आईजीआईएमएस के लिए बनी पहली सूची में अभी सिर्फ 1206 नाम ही शामिल हैं। जिसमें अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल का नाम नहीं है। 

तीन दिन बाद बढ़ेगी कोरोना लेनेवालों की संख्या
प्रतिदिन प्रत्येक सेंटर पर 100 लोगों को टीका देने की अधिकतम सीमा में और बढ़ोतरी होगी। अगले दो से तीन दिनों में यह संख्या 300 से 500 प्रतिदिन हो जाएगी। रविवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के समक्ष पीएमसीएच-आईजीआईएमएस और कई अन्य संस्थानों ने इस संबंध में प्रश्न उठाए थे। उनका कहना था कि अगर 100 वैक्सीन ही रोज दिए जाएंगे तो सभी कर्मियों को टीका लगाने में 40 से 50 दिन तक लग जाएंगे। इससे मैनपावर का ज्यादा हिस्सा इधर ही उलझा रहेगा। उन्होंने सीमा और बढ़ाने की मांग की। इसपर समिति ने दो से तीन दिनों में टीका लेने की संख्या में और बढ़ोतरी करने का आश्वासन दिया। 

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