मौनी अमावस्या पर कुंभ का दूसरा शाही स्नान आज, कई गुना मिलता है पुण्य-लाभ

मौनी अमावस्या पर कुंभ का दूसरा शाही स्नान आज, कई गुना मिलता है पुण्य-लाभ

न्यूज़ 4 नेशन डेस्क : स्नान और ध्यान के लिए हिन्दू धर्म में माघ के महीने को सर्वश्रेष्ठ महीना माना गया है. माघ माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते है. इस दिन स्नान करने का अपना ही महत्त्व है. इस साल 4 फरवरी को यानि आज मौनी अमावस्या है. इस साल मौनी अमावस्या सोमवार को पड़ रहा है जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है. मौनी अमावस्या के दिन आज त्रिवेणी संगम की नगरी प्रयागराज में कुंभ का दूसरा शाही स्नान किया जा रहा है.

मौनी अमावस्या का महत्व

ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन संगम पर सभी देवी, देवता और पितरों का आगमन होता है और सभी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं.  इसलिए यह दिन पृथ्वी पर देवों एवं पितरों के संगम के रूप में मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन में प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में जहां-जहां भी अमृत की बूंदें गिरी थीं उन-उन स्थानों पर यदि मौनी अमावस्या के दिन जप-तप, स्नान आदि किया जाए तो और भी पुण्यप्रद होता है। 

सतयुग में तप से, द्वापर में श्रीहरि की भक्ति से, त्रेता में ब्रह्मज्ञान और कलियुग में दान से मिले हुए पुण्य के बराबर माघ मास की मौनी अमावस्या में केवल किसी भी संगम में स्नान दान से भी उतना ही पुण्य मिल जाता है। इस दिन स्नान के बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, धन आदि का दान देना चाहिए। इस दिन जो लोग कुंभ में जाकर स्नान नहीं कर सकते हैं, वो घर में गंगाजल डालकर स्नान करें, इस से भी उन्हें पुण्य मिलेगा. इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से गरीबी, दरिद्रता दूर होती है और साथ ही बीमारी और पाप दूर हो जाते हैं.  

मौनी अमावस्या 2019 का शुभ मुहूर्त:-

मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त प्रारंभ: 3 फरवरी रात 11:52 से.

मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त समाप्त: 5 फरवरी 02:33 बजे.


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