साहित्य, कला और संस्कृति का कुम्भ पटना लिटरेचर फेस्टिवल 2019 का हुआ शुभारंभ

साहित्य, कला और संस्कृति का कुम्भ पटना लिटरेचर फेस्टिवल 2019 का हुआ शुभारंभ

PATNA : बहुप्रतीक्षित पटना लिटरेचर फेस्टिवल की शुरुआत शुक्रवार को ज्ञान भवन में हुई। तीन दिवसीय इस महोत्सव का आयोजन कला, संस्कृति और युवा विभाग, बिहार  और नवरस स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा किया गया है। इसमें देश और विदेश के प्रतिष्ठित लेखक भाग ले रहे हैं। पीएलएफ के दौरान 34 मनोरंजक सत्र हो रहे है जिसमे 8 भाषाओ के लगभग 85 लेखक भाग ले रहे है। 

समारोह  में सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए में नवरस स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के प्रमुख डॉ अजीत प्रधान ने कहा कि पटना साहित्य महोत्सव की शुरुआत 2013 में हुआ था और यह तीसरा संस्करण है। उन्होंने कहा कि आमंत्रितों की सूची में अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, मैथिली, अंगिका, वज्जिका और मगही के लेखकों से लेकर फोटोग्राफर्स, फिल्म निर्माताओं, गायकों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, इतिहासकारों को आमंत्रित किया हुआ है जो  विविधतापूर्ण है।

सत्र की शुरुआत 2018 में दिवंगत प्रसिद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।  पवन वर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को विभिन्न मौकों पर उनसे मुलाकात के कुछ व्यक्तिगत उपाख्यानों को साझा करके श्रद्धांजलि दी। कवि आलोक धन्वा ने प्रसिद्ध कवि केदारनाथ सिंह को श्रद्धांजलि दी। पदमश्री उषाकिरण खान ने कृष्णा सोबती को उनके योगदान के बारे में बताते हुए याद किया। त्रिपुरारी शरण ने वी एस नायपॉल को श्रद्धांजलि दी जबकि डॉ रमा दास ने अन्नपूर्णा देवी को श्रद्धांजलि दी।

वहीं उत्सव में एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई जिसमें प्रसिद्ध कव्वाली गायक निज़ामी ब्रदर्स ने अपनी भावपूर्ण कव्वाली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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