कुत्तों की गैंग का शिकार हुई 70 साल की बुजुर्ग महिला, नोंच-नोंचकर मार डाला

कुत्तों की गैंग का शिकार हुई 70 साल की बुजुर्ग महिला, नोंच-नोंचकर मार डाला

बेगूसराय। सूबे में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले गया में एक आवारा कुत्ता लोगों के लिए आतंक बना हुआ था, उसी तरह हाजीपुर में भी आवारा कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे थे। अब बेगूसराय में भी आवारा कुत्तों का आतंक फैलने लगा है। अब तक कुत्ते लोगों को घायल कर रहे थे, लेकिन यहां कुत्तों ने 70 साल की बुजुर्ग महिला को नोंच-नोंचकर मार डाला है। जिसके बाद इलाके में लोगों के बीच कुत्तों का खौफ कायम हो गया है।बुजुर्ग की पहचान अरबा पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित चकरार गांव निवासी रामशरण दास की 70 वर्षीया पत्नी सोमनी देवी के रूप में की गई है।

बेगूसराय में अब तक अपराधी ही लोगों की जान ले रहे थे। अब कुत्ते भी लोगों की जान लेने लगे हैं। कुत्तों के हमले में मारी गई महिला को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि वृद्ध महिला सुबह 9:00 बजे अपने घर से दक्षिण करीब एक किलोमीटर दूर धर्मपुर चौर स्थित आम के बगीचे में अकेली ही जलावन के लिए पत्ते चुनने गई थी। सुनसान गाछी के समीप एक मृत मवेशी को पहले से खा रहे आठ-दस की संख्या में कुत्तों के झुंड ने अचानक उक्त बुजुर्ग महिला पर हमला बोल दिया। 

कुत्तों के झुंड ने वहां से घास का बोझ लेकर गुजर रहे धर्मपुर के एक किसान को भी खदेड़ दिया। बाद में उक्त किसान ने गांव पहुंचकर मामले की सूचना लोगों को दी। आस-पास के गांवों से लोगों के घटनास्थल पर पहुंचने के पहले ही कुत्तों ने महिला के शरीर के अधिकांश हिस्से को काट-काट कर अपना निवाला बना लिया था। 

ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से खदेड़ कर कुत्तों को भगाया लेकिन महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में सनसनी फैल गई। मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतका का परिवार अत्यंत ही गरीब है। उसके चार बेटे हैं। सभी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बुजुर्ग महिला अपने पति के साथ चारों बेटे से अलग रहकर खेतों में काम कर खुद का भरण-पोषण करती थी। ग्रामीणों ने बताया कि वह प्रतिदिन जलावन के लिए पत्ते चुनकर खाना बनाती थीं। उसे उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडर भी नहीं मिला था।

 इधर, बीडीओ कुमारी पूजा ने बताया कि उसके शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अवलोकन के पश्चात ही मृतका के आश्रितों को किसी तरह की सरकारी सहायता राशि दी जा सकती है। थानाध्यक्ष अजित कुमार ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधि व परिजन की ओर से लिखित तौर पर पंचनामा बनाकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है।

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