LEO सैटेलाइट जिसके बारे में PM मोदी बता रहें वो क्या है और इसको उड़ाने से क्या होगा, जानिए

LEO सैटेलाइट जिसके बारे में PM मोदी बता रहें वो क्या है और इसको उड़ाने से क्या होगा, जानिए

N4N Desk: प्रधानमंत्री 11:23 में अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखते है 'आज सवेरे लगभग 11.45 - 12.00 बजे मैं एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आप के बीच आऊँगा'. जिसके बाद सभी टीवी पर नज़र गड़ाए रहते है. 

मोदी ने बताया कि भारत ने अंतरिक्ष में ये उपलब्धि हासिल की है, अमेरिका, चीन और रूस के बाद ऐसा करने वाला भारत चौथा बड़ा देश बना है. आज भारत अंतरिक्ष में महाशक्ति बन गया है. पीएम ने बताया कि LEO सैटेलाइट को मार गिराना एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, इस मिशन को सिर्फ 3 मिनट में पूरा किया गया है. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के वैज्ञानिकों ने इस मिशन के सभी लक्ष्यों को हासिल किया है, इसके लिए भारत में निर्मित सैटेलाइट का इस्तेमाल किया गया था.

क्या है LEO सैटेलाइट

LEO Setelites यानि Low Earth Orbit setelite ऐसा टेलिकम्युनिकेशन सेटेलाइट सिस्टम होता है. जो पृथ्वी की सतह से 400-2000 किलोमीट ऊपर पृथ्वी की निचली सतह (Low Orbit) कक्षा में स्थित होता है. LEO में ऑब्जेक्ट्स ऑर्बिट की ऊंचाई के आधार पर थर्मोस्फीयर (सतह से लगभग 80-500 किमी) या एक्सोस्फीयर (लगभग 500 किमी और ऊपर) में गैसों से वायुमंडलीय खींचें का सामना करते हैं. वायुमंडलीय खींचें के कारण, उपग्रह आमतौर पर 300 किमी से नीचे की कक्षा नहीं करते हैं. वायुमंडल के सघन भाग और आंतरिक वान एलन विकिरण बेल्ट के नीचे LEO पृथ्वी की कक्षा में वस्तुएं.

भारत के लिए यह कदम कितना मायने रखता है

PM मोदी ने ये तो नहीं बताया की जिस LEO को उदय गया है वो किस देश का है लेकिन सुरक्षा के नज़र में ये कदम जरुरी था. डाटा की सिक्योरिटी के लिए यह महत्वपूर्ण था. और साथ ही आतंकी देश को समझाने के लिए जरुरी था. 

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