आरसीपी सिंह के बहाने ललन सिंह का अमित शाह पर निशाना, जदयू से जुड़े निर्णय लेने वाले कौन होते हैं शाह

आरसीपी सिंह के बहाने ललन सिंह का अमित शाह पर निशाना, जदयू से जुड़े निर्णय लेने वाले कौन होते हैं शाह

पटना. आरसीपी सिंह प्रकरण के बहाने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आरसीपी का मोदी सरकार में मंत्री बनना नीतीश कुमार का निर्णय नहीं था. यह आरसीपी के बयान से भी जाहिर हो चुका है. आरसीपी सिंह अपनी मर्जी से केंद्र सरकार में मंत्री बने थे। आरसीपी सिंह ने खुद इस बात को स्वीकारा है कि तब अमित शाह ने उन्हें कहा था कि आप के नाम पर सहमति बनी है।

ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या भाजपा के नेता यह तय करेंगे कि जदयू से कौन मंत्री बनेगा? क्या जदयू से जुड़ा निर्णय शाह लेंगे. उन्होंने कहा कि उस समय जब आरसीपी सिंह खुद इस प्रस्ताव को लेकर आए और नीतीश कुमार को कहा कि मैं मंत्री बनने जा रहा हूं तो नीतीश कुमार ने कहा कि जब आप ने तय कर लिया है तो आप मंत्री बन सकते हैं।


ललन सिंह ने कहा कि 1998 से आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के निजी सचिव थे न कि वे जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता थे। नीतीश कुमार के रेल मंत्री रहते हुए उनके 2 दर्जन से अधिक कर्मी थे। उनमें से ही एक आरसीपी सिंह थे। आरसीपी वर्ष 2010 के बाद जनता दल यू के कार्यकर्ता बने थे। आरसीपी सिंह ने 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ने का टिकट मांगा था लेकिन नीतीश कुमार ने टिकट देने से इनकार कर दिया था। बाद में वर्ष 2010 में नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा। 

मंगलवार को होने वाली जदयू सांसदों की बैठक पर ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह प्रकरण के बाद जो स्थिति बनी है उस पर जदयू अपने विधायकों सांसदों संग बैठक कर रही है। इसके आलावा बैठक का कोई कारण नहीं है. 


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