लैंड फॉर जॉब केस में लालू के बड़े लाल तेजप्रताप पर भी कसा शिकंजा, बनाए गए आरोपी, 6 जुलाई को कोर्ट में होगी सुनवाई

लैंड फॉर जॉब केस में लालू के बड़े लाल तेजप्रताप पर भी कसा शि

दिल्ली- सीबीआई ने राजद सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों की कथित संलिप्तता वाले नौकरी के बदले जमीन घोटाले के सिलसिले में अपना अंतिम आरोप पत्र शुक्रवार को दाखिल कर दिया.अधिकारियों कहा कि सीबीआई द्वारा विशेष अदालत को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट में उन सभी रेलवे जोन को शामिल किया गया है, जहां लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर जमीन लिए जाने के एवज में नौकरी दी गई थी.

अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने पर सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश सांसद/विधायक मामले के समक्ष 78 आरोपियों के खिलाफ अपना तीसरा और अंतिम आरोप पत्र दाखिल किया. आरोपियों में लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजप्रताप यादव जिनके खिलाफ पहली बार आरोप पत्र दाखिल किया गया है, बेटी हेमा यादव, पूर्व ओएसडी भोला यादव और राजद प्रमुख के एक पूर्व कर्मचारी सदस्य शामिल हैं.

अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई द्वारा विशेष अदालत को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट में उन सभी रेलवे जोन को शामिल किया गया है, जहां लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर जमीन लिये जाने के एवज में नौकरी दी गई थी। अधिकारियों ने कहा कि विशेष अदालत छह जुलाई को इस रिपोर्ट पर विचार करेगी . सीबीआी के  एक अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपियों ने रेलवे अधिकारियों के साथ साजिश रची और अपने या अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम जमीन लेने के एवज में व्यक्तियों की भर्ती की. यह भूमि तत्कालीन सर्किल दर से कम कीमत पर और बाजार दर से भी बहुत कम कीमत पर हासिल की गई थी.

सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि लालू प्रसाद ने रेलवे के अधिकारियों, अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाते हुए, मौजूदा दिशानिर्देशों का पूर्ण उल्लंघन करते हुए भारतीय रेलवे के 11 जोनों में ‘ग्रुप डी' के पदों पर नियुक्ति की.