लालू के 'हनुमान' CBI गिरफ्त में, तेजस्वी समेत लालू-परिवार की चुप्पी से उठ रहे गंभीर सवाल, समर्थन में एक 'शब्द' नहीं

लालू के 'हनुमान' CBI गिरफ्त में, तेजस्वी समेत लालू-परिवार की चुप्पी से उठ रहे गंभीर सवाल, समर्थन में एक 'शब्द' नहीं

PATNA: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी भोला यादव को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे में नौकरी के बदले जमीन के खेल में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के ओएसडी भोला यादव को सीबीआई ने अरेस्ट किया। इसके बाद दिल्ली की अदालत में पेश किया गया जहां से 2 अगस्त तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है। बता दें, लालू यादव के हनुमान कहे जाने वाले पूर्व विधायक के 4 ठिकानों पर बुधवार को सीबीआई ने छापेमारी की. भोला यादव की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ी बात तो यह कि इस प्रकरण पर न तेजस्वी यादव और न लालू परिवार के किसी दूसरे सदस्यों ने मुंह खोला. हर छोटी-बड़ी घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले नेता प्रतिपक्ष की चुप्पी सवालों के घेरे में है। वैसे, रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में सीबीआई ने 2022 में ही लालू-राबड़ी समेत 2 बेटियों व 15 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

तेजस्वी यादव की चुप्पी से उठ रहा सवाल 

लालू प्रसाद के हनुमान कहे जाने वाले भोला यादव सीबीआई कस्टडी में हैं। कोर्ट ने पूर्व विधायक भोला यादव  को छह दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। बुधवार सुबह सीबीआई पटना और दरभंगा के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। राजद के कुछ छोटे नेताओं को छोड़ दें, न तेजस्वी यादव, न ही लालू प्रसाद या राबड़ी देवी ने इस कार्रवाई को लेकर एक ट्वीट तक नहीं किया। दूसरे नेताओं के यहां सीबीआई-ईडी की छापेमारी पर एतराज जताने वाले लालू-राबड़ी-मीसा-तेजस्वी-तेजप्रताप अपने पिता लालू प्रसाद के हनुमान की गिरफ्तारी के बाद भी चुप हैं,इसको लेकर बड़ी चर्चा है। तेजस्वी यादव 27 तारीख को ट्वीट तो किया लेकिन इस मामले पर नहीं। राबड़ी देवी-मीसा भारती भी पूरी तरह से चुप रहीं।  लालू प्रसाद यादव और तेजप्रताप का भी अपने खास भोला यादव के लिए एक शब्द नहीं निकला। राजद के प्रवक्ता चितरंजन गगन केवल एक लाइन की प्रतिक्रिया रिलीज की। अपनी प्रतिक्रिया में राजद के प्रवक्ता ने कहा- केन्द्रीय एजेंसियां का आतंक पैदा कर विपक्ष के आवाज को दबाने की साजिश हो रही है।

नौकरी के बदले जमीन केस में लालू राबड़ी-मीसा समेत भोला भी आरोपी 

तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के ओएसडी रहे भोला यादव रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में गिरफ्तार हुए हैं। इस मामलें में सीबीआई ने 18 मई 2022 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, 2 बेटियों और अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों समेत 15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।  आरोप था कि तत्कालीन रेल मंत्री ने 2004-2009 की अवधि के दौरान समूह में ग्रुप-डी की नियुक्ति के बदले में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर भूमि हस्तांतरण कर आर्थिक लाभ प्राप्त किया .यह भी आरोप लगाया गया कि इस अवैध काम कर लगभग 1,05,292 वर्ग फीट जमीन पूर्व मंत्री के परिवार के सदस्यों ने पटना में 05 बिक्री अभिलेख और 02 उपहार अभिलेख के माध्यम से अर्जित किया।

बीजेपी की सहयोगी जेडीयू का मौन धारण

भोला यादव राजद सुप्रीमो के बेहद ही करीबी माने जाते हैं. कहा जाता है कि भोला यादव की नौकरी के बदले जमीन मामले में प्रमुख भूमिका है। सीबीआई ने आज पटना के दो ठिकानों व दरभंगा में सर्च किया है। राजद सुप्रीमो के सबसे करीबी की रेल घोटाला केस में गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने फिर से बड़ा हमला बोला है। इधर, बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने पूरे प्रकरण में चुप्पी साध ली है। बताया जाता है कि नेतृत्व की तरफ से सीबीआई छापेमारी पर बोलने से मना किया गया है। बोलने का कोई भी मौका नहीं गंवाने वाले जेडीयू के नेता व प्रवक्ता लालू प्रसाद के बेहद करीबी के यहां छापेमारी और भोला यादव की गिरफ्तारी पर बोलने से बच रहे हैं। यूं कहें कि मौन धारण कर लिया है। बताया जाता है कि नेतृत्व की तरफ से इस मुद्दे पर मुंह बंद रखने की सलाह दी गई है। न्यूज4नेशन ने जेडीयू के कई नेताओं से संपर्क किया. किसी भी नेता या प्रवक्ता इस प्रकरण पर बोलने को तैयार नहीं। जेडीयू के एक नेता ने कहा कि जिनकी गिरफ्तारी हुई या जिस एजेंसी ने गिरफ्तार किया वो ही इस पर बोल सकते हैं। हम क्यों बोले इस मुद्दे पर? 

लालू यादव के एक-एक पाप में सहभागी हैं भोला-बीजेपी 

इधर, भोला यादव के ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने बड़ा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता डॉ. रामसागर सिंह ने कहा कि मामला है जमीन दो और नौकरी लो. रेल मंत्री रहने के दौरान लालू प्रसाद ने रेलवे में घोटाला किया, भोला यादव कोई पहला आरोपी नहीं हैं। सीबीआई तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारी करती है। जमीन दो नौकरी लो केस में लालू यादव, मीसा भारती, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेमचंद गुप्ता,सरला गुप्ता समेत अन्य लोग आरोपी हैं। इसी केस में भोला यादव भी आरोपी हैं। जांच एजेंसी पहले इन लोगों से पूछताछ की है,जरूरत पड़ी तो आगे भी पूछताछ कर सकती है। राजद के लोग कहते थे कि लालू प्रसाद चारा घोटाला केस में दोषी नहीं हैं लेकिन कोर्ट ने उनको सजा सुनाई। वहीं दूसरे प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने भोला यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि रेल घोटाले में लालू प्रसाद के साथ-साथ भोला यादव भी शामिल रहे हैं। लालू यादव के रेल मंत्री रहते भोला यादव ओएसडी थे। रेल घोटाले में सिर्फ लालू यादव ही नहीं बल्कि भोला यादव पर भी केस है। जांच में सबूत मिलने के बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया होगा। भोला यादव से करीबी कोई कोई नहीं था। लालू यादव के एक-एक पाप के सहभागी भोला यादव थे। इसके पहले मई 2022 में जब सीबीआई ने रेल घोटाले केस में राबड़ी आवास पर छापेमारी की थी तब भी जेडीयू नेताओं ने चुप्पी साध ली थी।

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