बड़ी लापरवाही : नवादा के सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद खुले में पड़ा रहता है शव, डीप- फ्रिज का नहीं होता है इस्तेमाल

बड़ी लापरवाही : नवादा के सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद खुले में पड़ा रहता है शव, डीप- फ्रिज का नहीं होता है इस्तेमाल

नवादा...  घनी आबादी के बीच सदर अस्पताल में शवों को पोस्टमार्टम किया जाता है। शवों को सुरक्षित रखने के लिए परिवहन विभाग की तरफ से सदर अस्पताल को दो डीप-फ्रिज उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन दोनों डीप-फ्रिज खुले आसमान के नीचे पड़े हुए हैं। दो महीने बाद भी उसे इंस्टॉल नहीं किया जा सका है। फलस्वरुप दोनों डी-फ्रिज बेकार साबित हो रहे हैं। 

यह स्थिति तब है, जबकि अस्पताल में अक्सर अज्ञात शवों को पोस्टमार्टम के बाद 72 घंटे के लिए रखना पड़ रहा है। सड़क सुरक्षा के तहत जिला परिवहन विभाग ने दो महीने पहले स्वास्थ्य विभाग को दो डी-फ्रिज दिया था। 1 लाख 59 हजार 948 रुपए खर्च कर दोनों की खरीदारी हुई थी। जिसे सदर अस्पताल को हैंडओवर किया गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो सका है।

खुले आसमान के नीचे पड़े रहते हैं अज्ञात शव

नियमानुसार अज्ञात शव को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए अस्पताल में रखना जरूरी होता है। अस्पताल में व्यवस्था नहीं होने के नीचे खुले आसमान के नीचे पड़े रहते हैं। मृतक के साथ पूरी संवेदनहीनता बरती जाती है। पोस्टमार्टम के बाद लावारिस शव को लावारिस की तरह ही छोड़ दिया जाता है। तीन दिनों तक शव खुले में पड़े रहने के चलते काफी उससे काफी बदबू आने लगती है। जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है।


डीप-फ्रिज को रखने के लिए कमरा नहीं

सदर अस्पताल में जगह का घोर अभाव है। जिसके चलते आए दिन कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ता है। शवों को सुरक्षित रखने के लिए उपलब्ध कराए गए डीप-फ्रिज को रखने के लिए कमरा नहीं है। फलस्वरुप शेड का निर्माण कराना होगा। इसके बाद विद्युत आदि की व्यवस्था करनी होगी।

नवादा के डीटीओ अभ्‍येंद्र मोहन सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत जिला स्वास्थ्य महकमा को दो डी-फ्रिज उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि शवों को सुरक्षित रखा जा सके। डीप-फ्रिज की खरीदारी पर 1 लाख 59 हजार रुपए खर्च किए गए हैं।

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