लता का प्यार नहीं चढ़ा था परवान, दुल्हनिया बनने की राह में रोड़ा बना था लता का साधारण परिवार की लड़की होना

लता का प्यार नहीं चढ़ा था परवान, दुल्हनिया बनने की राह में रोड़ा बना था लता का साधारण परिवार की लड़की होना

दिल्ली. अपनी सुरीली आवाज के जादू से करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाली सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर का रविवार को निधन हो गया. करीब 13 साल की उम्र से गाना शुरू करनी वाली लता ने 30 भाषाओँ में 50 हजार से ज्यादा गाने गाए. पेशेवर जीवन में श्रेष्ठ मुकाम हासिल करने वाली लता मंगेशकर के यूँ तो असंख्य प्रशंसक हैं लेकिन उनके जीवन में ऐसा कोई नहीं रहा जिसे लता दी जीवनसाथी बना पाई. 

अविवाहित रही लता मंगेशकर के बारे में कहा जाता है कि उन्हें भी प्यार हुआ लेकिन शादी के बंधन तक वह रिश्ता नहीं पहुंचा. कहा जाता है कि लता को राजस्थान के पूर्व डूंगरपुर राजघराने के राज सिंह से प्यार हुआ था. दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे लेकिन यह रिश्ता अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंचा. 

लता को प्यार से मिट्‌ठू बुलाने वाले राज सिंह 1959 में लॉ करने मुंबई गए थे. वे क्रिकेट खेलने के भी शौकीन थे. वर्ष 1955 से ही राजस्थान रणजी टीम के सदस्य थे. मुंबई में राज जिस जगह क्रिकेट खेलने जाते थे वहीं लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी आते थे. दोनों की दोस्ती आगे बढ़ी और राज अब लता के भाई के साथ उनके घर भी जाने लगे. यहीं लता और राज की मुलाकात हुई. दोनों की दोस्ती बढ़ी और एक दूसरे के प्रति आकर्षित हो गए. कहा जाता है कि दोनों की मुलाकातें भी होने लगी. 

हालांकि राज ने जब लता के साथ दोस्ती और उनसे विवाह करने का प्रस्ताव अपने परिवार के पास रखा तो उनका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था. कहा जाता है कि राज के परिवार को लता की सारी खूबियाँ पसंद थी लेकिन उनका एक साधारण परिवार से होना राजघराने को नागवार था. डूंगरपुर राजघराने की शर्त थी कि राज की शादी किसी राजपरिवार की लड़की से होगी. और परिवार के निर्णय के सामने राज को भी झुकना पड़ा. उन्होंने लता से अपनी दोस्ती को वहीं विराम दे दिया. 

लता मंगेशकर ने फिल्म दूल्हा दुल्हन में एक गाना गाया था - हमने तुझको प्यार किया है जितना कौन करेगा उतना'. राज कपूर और साधना पर फिल्माए इस गीत की तरह ही लता का निजी जीवन भी रहा जिसमें उनके प्यार के किस्से तो हैं लेकिन उसके मुकाम की कहानी नहीं है. 


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