विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने नीतीश तेजस्वी पर साधा निशाना, कहा तीन महीने की सरकार ने नहीं लिया बड़ा निर्णय

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने नीतीश तेजस्वी पर साधा निशाना, कहा तीन महीने की सरकार ने नहीं लिया बड़ा निर्णय

PATNA : बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश पर जमकर निशाना साधा है। सम्राट चौधरी राज्य के होनहार, मेधावी और पढ़े लिखे गरीब युवाओं की हालत देख सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर भड़क गए। चौधरी ने कहा की सीएम नीतीश और लालू यादव दोनों ने मिलकर बिहार को बाहर की राज्यों के लिए लेबर सप्लायर बनाकर रख दिया। हमारे राज्य के नौनिहालों में बाकी के राज्यों के युवाओं के मुकाबले अधिक गतिशीलता, क्षमता और मेधा है। लेकिन सीएम नीतीश को इससे कोई मतलब नहीं है। इन्हें बस कुर्सी चाहिए।


सम्राट चौधरी ने कहा कि देश में शायद ही कोई ऐसा मुख्यमंत्री होगा जो नीतीश कुमार सरीखे कुर्सी प्रेमी होगा। नीतीश कुमार ने देश की राजनीति में कुर्सी पर बैठकर राज्य को बदहाली के कगार पर धकेलने की नई कीर्तिमान स्थापित कर दी है। इन्हें राज्य के विकास, राज्य के अमन चैन, गरीबी, अशिक्षा के कोई मतलब नहीं है। इन्हें बस कुर्सी चाहिए। चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार के कैंडिडेट के अलावा उनके माता-पिता भी सीएम नीतीश को खोज रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आपके वादों का क्या हुआ।  जिसमें आप बड़ी बड़ी शेखी बघारते थे। नेता प्रतिपक्ष, सम्राट चौधरी ने डिप्टी सीएम तेजस्वी की ओर से 10 लाख नौकरी देने वाले बयान पर भी पलटवार किया है।  उन्होंने कहा की दोनों की सारी चालाकी जनता समझ चुकी है इस बार दोनों शून्य पर सिमट जाएंगे।

वहीँ दरभंगा पहुंचे सम्राट चौधरी ने कहा की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उम्र के इस पड़ाव पर हैं कि अब उन्हें कुछ याद नहीं रहता है। सैद्धांतिक तौर पर राजनीति से अप्रासंगिक हो चुके हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव एक बड़ा निर्णय बताएं। जो तीन महीने की सरकार ने निर्णय लिया हो। सम्राट चौधरी ने कहा कि नियुक्ति पत्र वो उन्हीं को दे रहे हैं, जिसका रिजल्ट अगस्त से पहले आ गया था। चाहे वह पशुपालन विभाग का मामला हो। चाहे राजस्व कर्मचारियों का मामला हो, उर्दू शिक्षकों की बहाली हो या फिर आगे आने वाली शिक्षकों की बहाली का। सारी प्रक्रिया एनडीए की सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि ये सारा फसल एनडीए सरकार ने लगाई। अब ये लोग उस फसल को काटने का प्रयास कर रहे हैं। बिहार की जनता सब कुछ जान रही है। यहां की जनता को इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है।

वही विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि ये लोग विकास क्या करेंगे। इन लोगों को विकास से कोई मतलब नहीं है। अगर इन्हें विकास करना होता तो पांच महत्वपूर्ण विभाग एक ही व्यक्ति के पास नहीं होता। सभी विभागों में काम करने के लिए अलग-अलग लोग लगाए जाते। लेकिन  तेजस्वी यादव को किसी पर भरोसा नहीं है, बिहार के नेताओं पर। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल के किसी नेता पर भरोसा नहीं है। सिर्फ अपने आप पर भरोसा है। वही उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार को भाजपा ने ही मुख्यमंत्री बनाया और दोनों ने दगा दिया। अब भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होगा। 2024 और 25 में जनता आपको जवाब देगी।

राजद और जदयू के विलय के सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि राजद में तेजस्वी यादव किसी भी पद पर नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव है, प्रदेश अध्यक्ष जगतानंद सिंह है, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी है। लेकिन कोई पद पर नहीं रहने वाला व्यक्ति, को यह अधिकार दिया गया की वह पार्टी का झंडा बदल सकता है। इस पार्टी का नाम बदल सकते हैं। ऐसी पार्टी लोकतांत्रिक नहीं हो सकती, क्योंकि वहां के राजा का बेटा, लालू प्रसाद यादव राजा है और राबड़ी देवी रानी है। उनके बेटा होने के चलते न उनको यह दायत्व मिला है। तो लोकतांत्रिक पार्टी है नही। इसलिए हम लोगों का प्रश्न है की जिस पार्टी ने यह प्रस्ताव लिया। तो वह जरूर कोई ना कोई खेला करने वाला है। अब नीतीश कुमार को बारे में हमने तो शुरू में ही कहा कि वह अब अप्रासंगिक हो चुके हैं। तो कोई ना कोई विलय का प्रस्ताव, या एक दूसरे के पाटी में विलय का प्रस्ताव आ सकता है। यह सुशील मोदी ने कहा होगा। इस अवसर पर हेमंत झा , सुमन कुमार, मनोज यादव सहित कई गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट 

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