औरंगाबाद में हत्याकांड में दो को उम्रकैद, नाबालिग से छेड़खानी मामले में पांच लोगों को सजा

औरंगाबाद में हत्याकांड में दो को उम्रकैद, नाबालिग से छेड़खानी मामले में पांच लोगों को सजा

औरंगाबाद. व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में जिला जज रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने हसपुरा में हत्याकांड के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त सुभाष सिंह और नागेश्वर सिंह डिहुरी हसपुरा को भादंसं की धारा 302/34 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है और प्रत्येक को पचास हजार अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर अभियुक्तों को एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास होगी।

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पहली अपराध और वयोवृद्ध के कारण कम सज़ा की मांग की। वहीं लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल ने क्रुरता और जघंन्यता के कारण अधिकतम सज़ा की मांग की। दोनों पक्षों के सुनने के पश्चात न्यायालय ने सज़ा सुनाई और दोषसिद्ध अभियुक्तों को दंडादेश भुगतने हेतु मंडल कारा भेजा गया। उन्हें निशुल्क दंडादेश के एक कोपी मुहैया कराई गई, अधिवक्ता ने बताया कि निर्णय पर दोनों अभियुक्तों को 18/10/22 को राजनंदन सिंह डिहुरी हसपुरा के हत्या का दोषी पाया गया था। 

नाबालिग से छेड़खानी में पांच लोगो को सजा

व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में एडिजे सह स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ब्रजेश कुमार पाठक ने महिला थाना कांड संख्या 12/15 में सुनवाई करते हुए पांच अभियुक्तों को छेड़खानी में दोषी पाते हुए सज़ा सुनाई है। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने कहा कि अभियुक्त रमेश साव, राजेश साव, रामाधार साव, कईल कुमार, विश्वरंजन कुमार को भादंसं की धारा 354 और 8 पॉक्सो एक्ट में तीन वर्ष की सजा और तीन हजार जुर्माना लगाया है। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि पीड़िता ने प्राथमिकी में बताया कि 07/05/15 को जब वह आंगन में सोई हुई थी तो अभियुक्तों ने मेरे घर में घुसकर मेरे मुंह पर गमछा रखकर हाथ पैर पकड़कर छेड़खानी करने लगे। हमने हल्ला की तो अगल बगल के लोगों के आते देख अभियुक्तगण भाग निकले।

हत्या मामले में दोषी करार

वहीं व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में एडीजे बारह धनंजय मिश्रा ने माली थाना कांड संख्या 23/20 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए चार अभियुक्तों को हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुये बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया है। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई के तिथि 04/11/22 निर्धारित किया गया है। सरकार की ओर से एपीपी बबन प्रसाद ने बताया कि प्राथमिकी विवेक कुमार के द्वारा माली थाना में दर्ज कराया गया था, जिसमें कहा था कि होली के दिन 10/03/20 को गांव के ही पासवान टोला में हमलोग को बकझक और धक्का मुक्की हुई थी तो अभिभावकों ने शान्ति बहाल कराया था किन्तु दुसरे दिन अभियुक्तों ने अपराधिक योजना बनाई और 12/03/20 को जब मेरे पिता शैलेन्द्र कुमार चन्दवंशी बैरीया बाजार गये थे तो दर्जनों लोगों के साथ अभियुक्तों ने लाठी डंडे से हमला कर दिया था, जिसमें मेरे पिता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। अभियुक्त राजेन्द्र पासवान घटना के दिन से ही आज तक जेल में बंद हैं। अधिवक्ता स्नेही ने बताया कि अभियुक्तों को भादंसं धारा 147/148/149/341/323/302/120 बी में दोषी पाया गया है। सज़ा 04/11/22 को सुनाई जाएगी।

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