तेजस्वी की तरह आधी रात को सदर अस्पताल पहुंच गए विधायक, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बिगड़े , कहा - गायब रहते हैं डॉक्टर, नहीं है कोई व्यवस्था, सीएस तो फोन भी नहीं उठाते

तेजस्वी की तरह आधी रात को सदर अस्पताल पहुंच गए विधायक, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बिगड़े , कहा - गायब रहते हैं डॉक्टर, नहीं है कोई व्यवस्था, सीएस तो फोन भी नहीं उठाते

BEGUSARAI : कुछ दिन पहले पीएमसीएच में आधी रात को तेजस्वी यादव निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। अब प्रदेश के डिप्टी सीएम के नक्शे कदम पर चलते हुए उनके विधायक भी आधी रात को सदर अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंच गए। इस दौरान अस्पताल में फैले अव्यवस्था को देखकर अपने ही सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। 

मामला बेगूसराय जिले से जुड़ा है। जहां सिविल सर्जन के निजी क्लिनिक पर एक मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों के हंगामे के बाद बखरी के विधायक सूर्यकांत पासवान आधी रात को सदर अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने सिविल सर्जन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सिविल सर्जन को फोन करने के बाद भी उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। आलम यह है कि वे अपने कार्यालय से गायब थे। अब बारी थी रसूक दिखाने की तो उन्होंने पत्रकारों से ही पूछने लगे कि आपका आईकार्ड कहाँ है। कुलमिलाकर कहें तो परिजनो के हंगामे के साथ साथ विधायक जी भी अपना रंग जमाने में कोई कसर नहीं छोड़े।

अपनी ही सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था से नाराज दिखे बेगूसराय जिला के बखरी विधानसभा के कम्युनिस्ट विधायक सूर्यकांत पासवान ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेगूसराय की स्वास्थ्य व्यवस्था दिनोंदिन बदहाल हो चुकी है। आलम यह है कि सदर अस्पताल में कोई भी चिकित्सक समय से मौजूद नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम विपक्ष में थे तब भी खुलेआम अपनी बातों को रखते थे और आज सत्ता पक्ष में रहने के बाद भी जो खामियां हैं उसे कहने में मुझे कोई गुरेज नहीं है।

यह है पूरा मामला

दरअसल पूरा मामला तब सामने आया जब खगडिया जिले के गोगरी निवासी कोमल कुमारी की बेगूसराय के सिविल सर्जन प्रमोद कुमार सिंह के निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद दोपहर करीब दो बजे से शुक्रवार की देर रात तक परिजनों ने जमकर हंगामा किया।इस बीच परिजनों के तरफ से हँगामे करने वालों और सिविल सर्जन को बचाने आए जिले भर के चिकित्सकों, कम्पाउण्डरों, समाज में खुद को नेता और बुद्धिजीवी कहे जाने वालों के साथ साथ उनके समर्थकों के बीच जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा होता रहा।

 परिजनों ने आरोप लगाया कि परिजन लगातार यह बात कहते रहे कि अगर मेरे मरीज की हालत गंभीर है तो उसे रेफर कर दिया जाए। ताकि कहीं बेहतर जगह हम उसका इलाज करा सकें।  लेकिन चिकित्सक के द्वारा उन्हें रेफर नहीं किया गया जिस वजह से शुक्रवार को उस मरीज की मौत हो गई । मौत के बाद चिकित्सकों ने एक निजी एंबुलेंस को बुलाकर शव को उसमें डलवाकर उसे सदर अस्पताल भेज दिया। लेकिन उस वक़्त सदर अस्पताल में ना तो कोई चिकित्सक थे और ना ही कोई कर्मी। इतना ही नहीं एम्बुलेंस चालक मरीज को एम्बुलेंस में ही छोड़कर वहां से फरार हो गया। 

इससे नाराज परिजनों ने सिविल सर्जन के निजी क्लीनिक के समक्ष जमकर हंगामा किया एवं चिकित्सक तथा पुलिस पर मिलीभगत कर लोगों से इलाज के नाम पर रुपए ऐंठने का आरोप लगाया। परिजनों ने बताया कि गोगरी निवासी कोमल कुमारी टीवी की मरीज थी जिसे परिजनो ने करीब 5 दिन पूर्व ही इलाज के लिए सिविल सर्जन के निजी क्लिनिक में भर्ती कराया था। इलाज में लापरवाही की वजह से शुक्रवार को उसकी वहीं मौत हो गई ।


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