CM नीतीश के गृह जिले में शराब माफिया और पुलिसिया गठजोड़ ने महादलित को लीला, BJP का गंभीर आरोप

CM नीतीश के गृह जिले में शराब माफिया और पुलिसिया गठजोड़ ने महादलित को लीला, BJP का गंभीर आरोप

पटना. भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व इस्लामपुर के पूर्व विधायक राजीव रंजन ने नालंदा के सिलाव में मृतक रामकृष्ण रविदास के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढाढस बंधाते हुए उन्हें आर्थिक मदद दी तथा आगे भी हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने इस मौत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस नृशंस कांड से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि नालंदा में कानून व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और यहां शराब माफियाओं का राज चलता है।

उन्होंने कहा कि यहां के पुलिस प्रशासन की निगाह में महादलितों की जान की कौड़ी भर भी कीमत नहीं है। जिस तरह से इस घटना को अंजाम दिया गया है, उससे शराब माफिया और पुलिस के मजबूत गठजोड़ का साफ़ पता चलता है। यह दिखाता है कि इलाके के शराब माफियाओं को रत्ती भर भी भय नहीं है। इस घटना से उन्होंने साफ संदेश दिया है कि जो भी उनके रास्ते में आएगा वह मारा जायेगा। लोगों का कहना है कि ऐसी कोई गल्ली या मुहल्ला नहीं है, जहां शराब नहीं बेची जा रही हो। याद करें तो इससे पहले भी जहरीली शराब नालंदा में दर्जनों लोगों की जिन्दगी लील चुकी है, लेकिन शराब माफिया का कुछ नहीं बिगड़ा। शराब माफिया और पुलिसिया गठजोड़ के आगे महादलित और पिछड़े पूरी तरह बेबस हैं और आतंक के साए में जिन्दगी गुजार रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार व ग्रामीणों ने भी इस घटना के लिए पुलिस को जिम्मेवार बताया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों ने कहा कि मृतक अपने इलाके में शराब बेचे जाने का विरोध किया करता था, जिसे लेकर शराब माफियाओं ने उसे धमकी भी दी थी। बाद में उन्होंने मृतक रामकृष्ण और उनके परिजनों को जाति सूचक गलियां देते हुए उन्हें दिन दहाड़े घर से उठा लिया। राजीव रंजन ने कहा कि परिजनों ने बताया कि अपहरण के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी व अपराधियों का नाम बताते हुए रामकृष्ण रविदास की जिन्दगी बचाने की गुहार भी लगायी, लेकिन पुलिस ने उन्हें डांट कर भगा दिया। बाद में हाथ-पांव और गर्दन बंधी उसकी लाश बरामद हुई, जिसमें शरीर से अधिक कीड़े दिखाई दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि रामकृष्ण की लाश इतने वीभत्स स्वरूप में थी कि आम लोगों उसे देख कर ही आतंकित हो रहे थे। ऐसे में पीड़ित परिजनों पर क्या बीती होगी, इसका अंदाजा स्वत: लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इतना होने पर भी दबंग शराब माफियाओं के मन भरा नहीं है। वह अभी भी पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी 15 वर्ष की बेटी ने हमें बताया है कि अपराधियों ने गवाही देने या मामले को उठाने पर उसे अगवा कर बलात्कार करने और मार कर गायब करने की धमकी भी दी है।

उन्होंने बताया कि इस घटना को लेकर लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। लोगों का कहना है यहां के स्थानीय थानाध्यक्ष और पुलिस अपने को सरकार से भी ऊपर मानती है। स्थानीय थाने में महादलितों और पिछड़ों की कोई सुनवाई नहीं होती है। हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार को अविलंब सुरक्षा दी जाए और इस घटना से स्थानीय पुलिस को अलग कर इसकी व्यापक जांच करायी जाए। नहीं तो भाजपा यहां इतना बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी गूंज देश के कोने-कोने में सुनाई देगी।


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