संघर्ष के दिनों में लिट्टी चोखा बेचते थे खेसारी लाल यादव, जानिए उनके बचपन की पूरी कहानी

संघर्ष के दिनों में लिट्टी चोखा बेचते थे खेसारी लाल यादव, जानिए उनके बचपन की पूरी कहानी

DESK : भोजपुरी सिंगर और अभिनेता खेसारी लाल यादव एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं. वह इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में आ गए हैं. असल में भोजपुरी एक्ट्रेस काजल राघवानी ने खेसारी पर हाल ही में कुछ आरोप लगाए थे, जिनसे परेशान सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने कहा है कि इंडस्ट्री के कुछ लोग उन्हें दूसरा सुशांत सिंह राजपूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं. खेसारी ने एक वीडियो जारी करते हुए काजल के आरोपों का जवाब दिया है और कहा है कि वह इतने कमजोर नहीं है कि लोगों के इस तरह के आरोप लगाने पर कोई गलत कदम उठा लेंगे.

बताते चलें की काफी संघर्ष के बाद खेसारी लाल ने भोजपुरी फिल्मों में मुकाम हासिल किया.खेसारी लाल यादव का जन्म छपरा, बिहार में 3 जुलाई 1986 को हुआ था. उनके पिता का नाम मंगरू लाल यादव है. माल भेटइ मेला उनका पहला म्यूजिक एल्बम था. उन्होंने पियवा गए रे हमार सऊदी रे भउजी, लगा के मच्छर दानी राजा, लहंगे में मीटर आदि संग अन्य गाने गाए हैं. खेसारी भक्ति गीत भी गाते हैं.

अपने स्ट्रगल के दिनों में खेसारी लाल यादव बतौर सिंगर और डांसर बिहार की लोकल शादियों में परफॉर्म किया करते थे. अपनी जिंदगी में एक समय खेसारी को घर चलाने के लिए लिट्टी-चोखा भी बेचना पड़ा था. बताया जाता है की खेसारी के पिता चना बेचा करते थे और रात को गार्ड की नौकरी करते थे. खेसारी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके कैसेट लॉन्च करने का सपना पूरा करने के लिए उनके पिता ने उन्हें किसी तरह 12 हजार रुपये जोड़कर दिए थे.

हालांकि खेसारी की यह कैसेट फ्लॉप हो गई थी. इसके बाद उनके पिता ने उन्हें 15 हजार रुपये जोड़कर दिए, जिससे उन्होंने एक और कैसेट लॉन्च की. अफसोस यह भी फ्लॉप साबित हुई. बाद में पिता ने खेसारी को 8 हजार रुपये दिए. इसमें खेसारी ने अपने जमा किए 25000 रुपये मिलाए और एक और कैसेट लॉन्च की, जो हिट साबित हुई थी. यहीं से खेसारी की सफलता पाने का रास्ता खुला था.



 

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