LJP POLITICS: पशुपति पारस की जान को खतरा! समर्थकों पर आरोप लगाने पर चिराग का पलटवार- सीएम करा लें जांच

LJP POLITICS: पशुपति पारस की जान को खतरा! समर्थकों पर आरोप लगाने पर चिराग का पलटवार- सीएम करा लें जांच

NEW DELHI/PATNA: केंद्रीय मंत्री पशुपित पारस ने बिहार दौरे के बाद वापस दिल्ली लौटने के बाद बड़ा बयान दे दिया है। news4nation के संवाददता से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री पशुपित पारस ने कहा कि उनकी जान को खतरा है। इतना ही नहीं, बिहार में उनके संसदीय क्षेत्र पर कुख लोगों द्वारा उनपर स्याही फेंकी गई थी, जिसको हमला करार देते हुए उन्होनें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज कराया है।

बढ़ती लोकप्रियता देखकर कराए जा रहे हमले

केंद्रीय मंत्री पशुपित पारस ने बातचीत के दौरान कहा कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता को लेकर उनपर हमले कराए जा रहे हैं। जिससे उनको और उनकी छवि को नुकसान पहुंचे। बता दें, कुछ दिन पहले पशुपति पारस अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर के दौरे पर थे। वहां के लोगों का आक्रोश उन्हें झेलना पड़ा और कुछ लोगों ने उनपर स्याही और मोबिल फेंका। इतना ही नहीं, उनके काफिले को काले झंडे दिखाए गए। 

खुलकर लिया चिराग समर्थकों का नाम

इतना ही नहीं, पशुपति कुमार पारस ने सीधे तौर पर कह दिया कि यह चिराग समर्थक ही हैं, जो उनकी लोकप्रियता से घबराए हुए हैं। इसलिए वह उनपर हमले कराने जैसी ओछी हरकत कर रहे हैं। 

सीएम और गृहमंत्री को लिखा पत्र

कथित तौर पर हुए हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने को कहा है। उनका कहना है कि जिस तरह से उनकी जान को खतरा बढ़ा है, इसके लिए राज्य के सीएम नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह उनकी सुरक्षा बढ़ाए।

चिराग पासवान ने किया पलटवार

इस आरोप का जवाब चिराग पासवान ने पटना पहुंचने के बाद दिया है। संवाददाताओं द्वारा सवाल पूछने के बाद उन्होनें कहा कि नीतीश कुमार की पुलिस इसपर जांच करा लें। चिराग पासवान जन आर्शीवाद यात्रा के लिए पटना पहुंचे थे, जहां वह मीडिया से मुखातिब हुए। अपने ऊपर हुए FIR पर कहा कि इस विषय पर नीतीश कुमार की पुलिस जांच करवाए।

चिराग ने सीएम से मांगा जवाब 

सोमवार को दिल्ली में सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्र से मुलाकात करने पहुंचा था। यह मुलाकात जाति आधारित जनगणना कराने को लेकर थी। हालांकि इसमें लोजपा का प्रतिनिधि शामिल नहीं था। इसी को लेकर चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जवाब मांगा है, कि आख़िर मान्यता प्राप्त पार्टी को बाहर क्यों रखा गया।

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