संसदीय समिति के सामने फेसबुक अधिकारी की पेशी, 10 दिन में चुनाव और डेटा सुरक्षा पर मांगा जवाब

संसदीय समिति के सामने फेसबुक अधिकारी की पेशी, 10 दिन में चुनाव और डेटा सुरक्षा पर मांगा जवाब

NEW DELHI : आगामी लोकसभा चुनावों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सरकार बेहद सतर्कता से काम ले रही है। सोशल मीडिया पर नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर बनी संसदीय समिति के सामने बुधवार को फेसबुक, वाट्सऐप, इंस्टाग्राम केअधिकारी पेश हुए। इस दौरान समिति के सामने फेसबुक, वाट्सऐप, इंस्टाग्राम के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली समिति ने इन अधिकारियों से कहा कि लोकसभा चुनाव, राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों के डेटा की रक्षा करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए 10 दिनों के भीतर इस मुद्दे पर फेसबुक, वाट्सऐप और इंस्टाग्राम अपना स्पष्ट और लिखित जवाब पेश करें।

संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ने फेसबुक के अधिकारियों से पूछा, "आपका मंच समाज के काम आ रहा है या समुदायों को बांटने का काम कर रहा है?"  इस पर फेसबुक ने कहा कि वो एक हायब्रिड कंपनी हैं। फेसबुक की सामग्री, विज्ञापन और मार्केटिंग से जुड़े कामकाज पर कौन सी नीतियां लागू होती हैं, इसका जवाब देने में कंपनी असमर्थ रही। फेसबुक के वैश्विक नीति प्रमुख ने कुछ कर्मचारियों के पुलवामा हमले और आतंकवाद को लेकर की गई असंवेदनशील टिप्पणियों पर स्टैंडिग कमेटी से माफी भी मांगी।
 
 कमेटी के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "हमने उनसे कहा वो ये सुनिश्चित करें कि उनके मंच का इस्तेमाल समाज को बांटने, हिंसा भड़काने, भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ या विदेशी ताकतों के भारतीय चुनाव में दखल को लेकर न हो। उन्होंने माना कि कुछ सुधारों की जरूरत है और वो उसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि वो चुनाव आयोग के संपर्क में रहेंगे और संबंधित मंत्रालयों की सूचना पर काम करेंगे।"


 

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