लोकसभा चुनाव की आज बजेगी रणभेरी, चुनाव में ये होंगे बड़े मुद्दे

लोकसभा चुनाव की आज बजेगी रणभेरी, चुनाव में ये होंगे बड़े मुद्दे

PATNA  : लोकसभा चुनाव की तारीखों का आज शाम एलान किया जाएगा। इसके साथ ही 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी आज ऐलान किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर में विधान चुनाव का शिड्यूल जारी हो सकता है।

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जहां अपनी उपलब्धि को लेकर जनता के बीच गई थी। वहीं बीजेपी ने भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने का काम किया था। इस बार स्थिति उलट है। 2014 की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी आज सत्ता में है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में है। इस बार कांग्रेस लोकसभा चुनाव प्रचार में राम मंदिर, राफेल पर घेरेगी। वहीं बीजेपी जनता के बीच भ्रष्टाचारमुक्त शासन सहित अपनी कई उपलब्धियों को गिनाएगी।

2019 लोकससभा चुनाव में ये हो सकते हैं बड़े मुद्दे

राष्ट्रवाद और पाकिस्तान

भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राईक कर पीओके में संचालित आतंकी शिविरों पर हमला किया। बीजेपी इस बार के लोकसभा चुनाव मे जनता को यह बताने का काम करेगी कि इस तरह का हमला पिछले तीस सालों में भारत की तरफ से नही किया गया। यह नरेंद्र मोदी की ताकत को दर्शाता है। हालांकि एयर स्ट्राईक के बाद सबूतों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है। पुलवामा हमले के बाद भाजपा ने राष्ट्रवाद को मुख्य मुद्दा बनाया है। हमले के बाद से ही पीएम नरेंद्र मोदी अपनी हर सभा मे इस हमले का जिक्र करने से नहीं चुकते। साथ हीं लोगों को यह आश्वासन देते रहें है कि भारत को जवाब देना आता है। 


 राफेल की लडाई

इधर राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी नेता लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि राफेल डील मे मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। इस बार के चुनाव में तमाम विपक्षी पार्टियां राफेल के मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम करेगी। हालांकि  मोदी सरकार राफेल को देश की जरूरत बताती है।

राम मंदिर

कांग्रेस राम मंदिर को लेकर भी बीजेपी को घेरने का काम करेगी। कांग्रेस आम जनता को यह बतानें का काम करेगी कि इस बार केंद्र और यूपी दोनों जगह बीजेपी की सरकार थी। बावजूद इसके राम मंदिर का निर्माण नही सका। कांग्रेस के नेता यह कहनें से नही चुकेंगे कि बीजेपी राम मंदिर का मुद्दा सिर्फ वोट लेनें के लिए करती है। वहीं भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के अड़ंगों की वजह से अयोध्या विवाद पर जल्द फैसला नहीं आ पा रहा है। 

किसान कल्याण

केंद्र की सरकार किसानों की मदद को भी भुनानें की कोशिश करेगी। सरकार ने चुनाव से कुछ पहले मास्टर स्ट्रोक लगाते हुए छोटे किसानों के खाते में हर साल 6000 रुपए ट्रांसफर करने का ऐलान किया था। इसके बाद देश भर के हजारों किसानों के खाते में पहली किस्त के रूप में 2-2 हजार की राशि भी चली गई है। पीएम नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में इसे क्रांतिकारी कदम बता रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने  मप्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्ज माफी किया है। अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष इसी तर्ज पर पूरे देश के किसानों की कर्जमाफी के वायदे करते फिर रहे हैं।

विवेकानंद की रिपोर्ट


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