मोतिहारी DEO ऑफिस का क्लर्क है या माफिया? मलाई खाने वाले 'सत्येन्द्र-राजीव' के खिलाफ 3 दिनों में आरोप गठित, DEO-DPO की भी मिलीभगत!

 मोतिहारी DEO ऑफिस का क्लर्क है या माफिया? मलाई खाने वाले 'सत्येन्द्र-राजीव' के खिलाफ 3 दिनों में आरोप गठित, DEO-DPO की भी मिलीभगत!

PATNA: पूर्वी चंपारण के शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्थानांतरण में नियमों को तार-तार किया गया। अधिकारी और कर्मियों ने मिलकर खूब माल बटोरा। अब जाकर पूरी पोल खुली है। जांच में पाया गया है कि मोतिहारी में शिक्षकों के स्थानांतरण में बड़ा खेल हुआ है। शिक्षा विभाग ने इतनी बड़ी गड़बड़ी के लिए 2 लिपिकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश जारी किया है। हालांकि इतनी बड़ी गड़बड़ी सिर्फ क्लर्क कर सकता है ऐसा संभव नहीं। शिक्षा विभाग ने विभागीय कार्यवाही चलाने के लिए मोतिहारी डीईओ को तीन दिनों के अंदर प्रपत्र-क में आरोप गठित कर मुख्यालय को देने का निर्देश दिया है ताकी विभागीय कार्यवाही का संचालन किया जाये। 

27 जुलाई को निदेशक ने डीईओ को भेजा पत्र


 माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने पूर्वी चंपारण के जिला शिक्षा अधिकारी को 27 जुलाई को पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के लिपिक सत्येंद्र मिश्र एवं राजीव रंजन कुमार के विरुद्ध विहित प्रपत्र क में आरोप गठित कर उपलब्ध कराएं . इस मामले की जांच क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तिरहुत प्रमंडल से कराई गई है। उनके प्रतिवेदन पत्र की समीक्षा के बाद यह बात सामने आई कि मार्च 2021 में बड़े पैमाने पर जिला संवर्ग के शिक्षकों का विभागीय आदेश के विपरीत अनियमित स्थानांतरण किया गया . इस आरोप में दोनों लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया गया है. इस आरोप में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिया है कि सत्येंद्र मिश्र एवं राजीव रंजन कुमार लिपिक के विरुद्ध विहित प्रपत्र क में आरोप गठित कर 3 दिनों के अंदर इस कार्यालय को उपलब्ध कराएं.

दो लिपिक पर विभागीय कार्यवाही चलाने के आदेश

 शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने आरीडीडीई मुजफ्फरपुर से जांच कराई। जांच में आरोप प्रमाणित पाया गया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के 25 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्वी चंपारण में मार्च 2021 में बड़े पैमाने पर जिला संवर्ग के शिक्षकों का विभागीय आदेश के विपरीत अनियमित स्थानांतरण किया गया। ऐसा कर उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की गई. इस आरोप में शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पूर्वी चंपारण के दो लिपिक सत्येंद्र मिश्र एवं राजीव रंजन कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है. इसके तहत आरोप गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालन के लिए मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच पदाधिकारी एवं मोतिहारी के डीपीओ समग्र शिक्षा अभियान को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. शिक्षा विभाग ने आदेश दिया है कि जांच पदाधिकारी जांच का कार्य पूर्ण कर 60 दिनों के अंदर प्रतिवेदन समर्पित करें. 

मोतिहारी डीईओ-डीपीओ ने शिक्षकों के स्थानांतरण में की भारी गड़बड़ी

 मार्च 2021 में जिला स्तरीय शिक्षकों के स्थानांतरण में नियमों को तार-तार किया गया। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने भी शिकायत मिलने के बाद मोतिहारी डीईओ द्वारा किये गये स्थानांतरण आदेश पर दिये अनुमोदन को 27 मार्च को ही वापस ले लिया था और इसकी जानकारी डीईओ को दे दी थी।

जानिए पूरा मामला

दरअसल शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक के यहां मोतिहारी डीईओ डीपीओ (स्थापना) द्वारा किये गये अनियमित कार्यों की शिकायत दर्ज कराई गई थी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने 7 जुलाई को तिरहुत के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को पूरे मामले की जांच के आदेश दिये थे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को भेजे पत्र में कहा था कि परिवादी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार सिंह एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना प्रफुल्ल कुमार मिश्र द्वारा कार्यालय कर्मियों के सहयोग से शिक्षकों के अनियमित स्थानांतरण एवं विभागीय कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. परिवाद पत्र में उल्लेखित आरोपों की जांच कर प्रतिवेदन के साथ 22 जुलाई को कार्यालय कक्ष में उपस्थित होकर वस्तु स्थिति से अवगत कराएं.इसके बाद आरडीडीई मुजफ्फरपुर ने जांच कर 22 जुलाई को माध्यमिक शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट दे दिया। उस रिपोर्ट के आलोक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 2 कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है। हालांकि अभी तक डीईओ-डीपीओ(स्थापना) के खिलाफ इतनी बड़ी गड़बड़ी के आरोप में कार्रवाई का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।  


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